संवाद सूत्र, त्रिवेणीगंज (सुपौल) : मुख्यालय स्थित धर्मशाला में गुरुवार की शाम मारवाड़ी सम्मेलन शाखा त्रिवेणीगंज की बैठक राजकुमार शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मारवाड़ी सम्मेलन बिहार प्रांतीय के अध्यक्ष महेश जालान, संगठन उपाध्यक्ष नीरज खेड़िया, सदस्यता प्रभारी जीवछ अनोदिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कोसी प्रमंडल भ्रमण के दौरान महेश जालान त्रिवेणीगंज आए थे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज के लोग अपनी मारवाड़ी भाषा को भूलते जा रहे हैं जो बहुत दुखद है। हम हिदी, मगही, मैथिली, अंग्रेजी, भोजपुरी एवं किसी भी भाषा में बात करें लेकिन अपनी भाषा को भी नहीं भूलना चाहिए। अपने परिवार में हमें मारवाड़ी भाषा का व्यवहार करना चाहिए। कहा कि पूरे भारत में मारवाड़ी सम्मेलन भी करीब 16 राज्यों में संगठन है लेकिन बिहार में सबसे ज्यादा मजबूत संगठन है। पूरे बिहार में 160 शाखाओं में आठ हजार आजीवन सदस्य हैं। सदस्यों की संगठनों को बढ़ाने की जरूरत है। मारवाड़ी सम्मेलन की स्थापना जनसेवा और परोपकार को लेकर हुई थी। कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण, निशुल्क प्याऊ की व्यवस्था, निश्शुल्क आक्सीजन सेवा, चापाकल, धर्मशाला एवं जनोपयोगी कार्य सम्मेलन की तरफ से किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि 2008 की बाढ़ में सम्मेलन ने लोगों की का़फी सेवा की। 2020-2021 के कोरोना काल में भी सम्मेलन की ओर से सेवा की गई। 3 मई को 104 जगहों पर अमृत महोत्सव के रूप में मनाया गया जहो लोगों को शरवत तथा ठंडा जल पिलाया गया। इसके लिए मुख्यमंत्री द्वारा बधाई दी गई। उन्होंने शाखा सदस्यों से संगठन को और मजबूत करने का आग्रह किया। बैठक में डा. विश्वनाथ सरार्फ, सज्जन कुमार संत, राजकुमार भरतिया, विजय अग्रवाल, विनय कुमार चांद, सज्जन कुमार केजरीवाल, सोनू अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, दीपक चौखानी, अनिल सिंहल, श्वेता गोयल, बाबी शर्मा के आदि मौजूद थे।

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