जागरण संवाददाता, सुपौल: अगर मन में ठान लें तो फिर कोई बीमारी आपको हरा नहीं सकती। कोरोना भी नहीं। इसके लिए जरूरी है कि डॉक्टर की सलाह पर काम करें और खुद को किसी भी काम में व्यस्त रखें। सोच को सकारात्मक रखें। कभी इस बात का डर नहीं पालें कि कोरोना हो गया है। अगर संक्रमित हो भी गए तो इससे भी दूसरी बीमारियों की तरह डटकर मुकाबला करें।

यह कहना है एसएनएस महिला कालेज की व्याख्याता डा. रागिनी सिंह का। अब वे कोरोना से छुटकारा पाकर समाज से अपना अनुभव साझा कर रही हैं। उनका मानना है कि कोरोना से कुछ नहीं होगा, यदि हम सकारात्मक रहें। चिकित्सक के परामर्श के अनुसार दवाओं का सेवन करें। जब संक्रमित हुए तो डरे नहीं थे। कोविड नियमों का पालन किया तो एक पखवारे में रिजल्ट निगेटिव आ गया। अब हम वर्तमान समय में कोरोना को लेकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं तथा अपना अनुभव साझा करके उन्हें कोरोना महामारी से लड़ने को लेकर तैयार कर रहे हैं। उनका कहना है कि कोरोना से डरकर नहीं लड़कर हराया जा सकता है। आत्मबल को मजबूत कर उन्होंने कोरोना को मात दी।

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