जागरण संवाददाता, सुपौल: जिले के किसानों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने व फसलों के अधिक उत्पादन के लिए सरकार बोआई और निकोनी से जुड़े नए कृषि यंत्रों पर अब 75 प्रतिशत का अनुदान उपलब्ध कराएगी। कृषि विभाग ने 5 नए कृषि यंत्रों को अनुदानित यंत्रों की सूची में शामिल किया है। अभी तक किसानों को 77 कृषि यंत्रों पर ही अनुदान मिलता था। लेकिन अब किसानों को 82 प्रकार के यंत्रों पर अनुदान मिलेगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला कृषि पदाधिकारी प्रवीण कुमार झा ने बताया कि नए कृषि यंत्रों की सूची में शामिल किए जाने से किसानों को फसल उत्पादन लेने में काफी सहूलियत मिलेगी। सरकार ने जिन पांच नए यंत्रों को शामिल किया है, उनमें सूपर सीडर पर अनुदान की राशि 50 प्रतिशत होगी। जबकि शेष यंत्रों पर 75 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के किसानों को यंत्र की खरीद पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान की राशि दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन नए पांच यंत्रों को शामिल किया है उसमें एनएमएस, हैप्पी सीडर, स्ट्रा बेटर, स्ट्रा रीपर, रोटरी मलचर यंत्र शामिल है। बताया कि सामान्य वर्ग के किसान जिनके पास 1 एकड़ भूमि है उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके अलावा अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों को आधा एकड़ भूमि होने पर भी योजना का लाभ दिया जाएगा। इस योजना में पहली बार अति पिछड़ा वर्ग के किसानों को भी योजना में शामिल किया गया है। कहा कि इस यंत्र को शामिल करने का मुख्य मकसद बोआई और निकोनी में भी यंत्रों का उपयोग करना है। ताकि किसानों को निकोनी और बोआई के लिए मजदूरों की आवश्यकता ना पड़े। इससे पूर्व सरकार फसलों की कटाई और जोताई के लिए कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध करा रखी थी। लेकिन निकोनी के लिए अधिक संख्या में किसानों को मजदूरों पर निर्भर रहना पड़ता था। फिलहाल यह पांच यंत्र अनुदान पर उपलब्ध कराएं जाने से निश्चित ही कृषि लागत कम पड़ेगा और किसान समय से फसलों की निगरानी कर बेहतर उत्पादन ले सकेंगे।

Posted By: Jagran

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