संवाद सूत्र, प्रतापगंज(सुपौल): यूं तो सामाजिक कुरीतियों में से एक कुरीति मृत्युभोज को लेकर प्रखंड क्षेत्र में युवा पीढ़ी कई बार मृत्युभोज न खाने और न खिलाने को ले शपथ लेते रहे हैं। पर इसका कुछ खास असर नही दिखा। लेकिन प्रखंड मुख्यालय पंचायत भवानीपुर दक्षिण पंचायत की मुखिया विनीता देवी के पति पूर्व मुखिया अनिल कुमार टिप्पू ने अपने पिता स्व. तारानंद साह के मृत्युभोज का बहिष्कार कर न सिर्फ लोगों को चौंका दिया बल्कि आसपास के क्षेत्र के लोगों के बीच एक नया संदेश दिया। मुखिया के फैसले की भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है। ऐसे कदम उठाने के लिए मुखिया पर विभिन्न समाज के लोगों ने समाज की इन कुरीति को बंद करने को ले काफी प्रेरित किया। ताकि समाज के अन्य लोग भी इसकी देखादेखी करने में संकोच न करें। मुखिया के घर पर बाजार सहित आसपास के क्षेत्र के सैकड़ों गणमान्य लोग अपने-अपने तर्क देकर उनके पारिवारिक सदस्य व परिजनों को समझाने में सफल रहे। तब जाकर मृत्युभोज की बजाय जरूरतमंद लोगों के बीच कम्बल आदि जरुरत की चीजें वितरित करने या फिर मृत्युभोज पर खर्च की जानेवाली राशि से मृतक के नाम से समाज में किसी धरोहर के निर्माण का फैसला लिया गया। निर्णय लिया गया कि आने वाले वक्त में समाज के बीच यही उदाहरण पेश कर मृत्युभोज को रोकने का प्रयास किया जाएगा। भिन्न-भिन्न समाज के लोगों ने मृत्युभोज नहीं खाने का संकल्प लिया। पूर्व मुखिया बताते हैं कि उनके स्व. पिता भी मृत्युभोज नहीं होने के पक्षधर थे। समाज के सभी वर्गों के लोगों को मृत्युभोज की आवश्यकताओं की सामग्री के लिए वे भलीभांति भटकते देखा है। उनके द्वारा लिया गया यह फैसला तभी सार्थक होगा जब समाज के अन्य लोग भी इस कुरीति को समाप्त करने की दिशा में पहल करेंगे। बैठक में मानमल पारख, सूरज चौरसिया, विरेन्द्र पंजीयार, बिजली ठाकुर, विपिन श्रीवास्तव, राजकुमार भगत, सूर्यनारायण महतो, झमेली साह, बद्री साह, कपिलदेव नायक, कपिलदेव ठाकुर, नवल चौधरी, उमेश गांधी, अशोक भगत, दारा दास, राजेन्द्र ठाकुर, इन्द्र ठाकुर आदि भी शामिल रहे।

Posted By: Jagran

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