संवाद सहयोगी, वीरपुर(सुपौल): नगर पंचायत के सफाई कर्मियों और मुख्य पार्षद के बीच उपजे विवाद और सफाई जमादार को जेल भेजे जाने से आक्रोशित सफाई कर्मियों ने उपस्थित कार्यरत कर्मियों को कार्यालय से बाहर करते हुए नगर पंचायत के मुख्य द्वार में ताला जड़कर कार्यालय संचालन ठप कर दिया। सफाई कर्मियों ने मजदूरी भुगतान में अनियमितता का आरोप मुख्य पार्षद समेत कार्यपालक पदाधिकारी पर लगाते हुए आक्रोश व्यक्त किया कि वर्षो से कार्यरत होने के बावजूद ये दोनों मजदूरी भुगतान समय पर नहीं करते हैं और मनमाने तरीके से भुगतान देते हैं। अगर मांग की जाय तो हटा देने की धमकी देते हैं। क्षेत्रीय विधायक द्वारा सफाई कर्मियों को ड्रेस व वर्दी प्रदान की गई। लेकिन उसके नाम पर इन दोनों ने मिलकर सरकारी राशि का उठाव कर लिया। वार्डो के नालों व सफाई करने के बावजूद भी ये मनमाने तरीके से परिसीमन से बाहर जबरदस्ती काम करने को भेजते हैं। नहीं जाने पर हटा देने की बराबर धमकी देकर शोषण करते हैं। अभी छठ के सभी घाटों की साफ-सफाई हम सभी कर्मियों ने जेसीबी व ट्रैक्टर के सहारे की। इन दोनों ने पर्व को लेकर नकद भुगतान का वादा किया था। मगर घाटों की सफाई के नाम पर दस लाख की राशि की बंदरबांट कर लिया। मगर पर्व को लेकर कोई भी भुगतान नहीं किया। इसी भुगतान को लेकर मुख्य पार्षद और सफाई जमादार के बीच बात बढ़ी और जमादार को जेल भेजा गया। नगर पंचायत में तालाबंदी के दौरान ये लोग कार्यपालक पदाधिकारी को कार्यालय बुलाने की मांग करते रहे। उनके न पहुंचने पर मुख्य द्वार पर इनलोगों ने ताला जड़ दिया और कामकाज ठप कर दिया।

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