यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 20, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मिथिला राज्य निर्माण के लिए गोसपुर में चला जनसंपर्क अभियान
----------------------------------------- संवाद सूत्रकरजाईन बाजार (सुपौल) अलग मिथिला र

----------------------------------------- संवाद सूत्र,करजाईन बाजार (सुपौल): : अलग मिथिला राज्य के निर्माण के लिए मिथिला राज्य निर्माण सेना के बैनर तले राघोपुर प्रखंड के गोसपुर स्थित त्रिलोकनाथ संस्कृत विद्यालय के प्रांगण में रविवार को जनसम्पर्क सह जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता शिक्षाविद पंडित सचिन्द्र नाथ मिश्र उर्फ फूल बाबू ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ आगत अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद विद्वतजनों के स्वस्तिवाचन एवं पल्लवी झा व कृष्णा झा के स्वागतगान तथा मैथिली भजन के उपरांत सभी आगत अतिथियों को पुष्प माला, पाग एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मिथिला राज्य निर्माण सेना के महासचिव राजेश कुमार झा ने कहा कि मिथिला राज्य निर्माण के लिए जनसंपर्क अभियान तेज हो चुका है। मिथिला राज्य निर्माण सेना के नेतृत्व में विगत आठ वर्षों से यह मांग जोर-शोर से की जा रही है। उन्होंने कहा कि मिथिला राज्य के लिए सर्वप्रथम 1907 में ही आवाज उठाई गई थी। अब मिथिला के गांव-गांव से लेकर टोले-टोले तक मैथिलीभाषी को मिथिला राज्य के निर्माण में भागीदारी के लिए जागरूक किया जा रहा है। क्योंकि मिथिला राज्य के निर्माण में सभी मिथिलावासी का सहयोग जरूरी है। अपनी सभ्यता एवं संस्कृति को बचाने के लिए मिथिला राज्य जरूरी है। मिथिला राज्य का अधिकार हमें भीख मांगकर नहीं बल्कि छीनकर मिलेगा। आज सत्ता में बैठे कुछ लोग नहीं चाहते कि अलग मिथिला राज्य का निर्माण हो। इसलिए हम सभी को जागरूक होकर मिथिला राज्य के लिए आवाज उठानी होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि आगामी जनगणना में सभी मैथिलवासी अपनी भाषा में मैथिली दर्ज करें। दहेज मुक्त मिथिला के संस्थापक प्रवीण नारायण चौधरी ने कहा कि मिथिला का परिचय जनक व जानकी से है। अभी मिथिला क्षेत्र से भेदभाव किया जा रहा है, लेकिन जरूरत है कि नेपाल एवं भारत के मिथिला क्षेत्र के लोग एक साथ मिलकर मिथिला राज्य का निर्माण में सहयोग करें।
मिथिला राज्य के लिए संघर्षरत वरिष्ठ साहित्यकार रमेश रंजन झा ने कहा कि सभी मिथिलावासी आपसी भेदभाव भुलाकर मिथिला राज्य के निर्माण में जुट जाएं। कार्यक्रम को जीवानंद झा उर्फ जीबू आदि ने भी संबोधित किया । धन्यवाद ज्ञापन पंडित सचिन्द्र नाथ मिश्र ने किया। मंच संचालन आचार्य पंडित धर्मेन्द्र नाथ मिश्र ने किया । इस मौके पर क्षेत्र से सभी वर्ग के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित हुए ।
