सुपौल में अवैध क्लीनिकों पर प्रशासन का शिकंजा, 15 सितंबर तक सभी स्वास्थ्य संस्थानों का वेरीफिकेशन जरूरी
राघोपुर (सुपौल) में अवैध निजी स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती की है। सभी क्लीनिकों और नर्सिंग होम को ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
अवैध निजी स्वास्थ्य संस्थानों पर प्रशासन की सख्ती शुरू।
15 सितंबर तक सत्यापन न होने पर होगी कार्रवाई।
जनस्वास्थ्य और मरीज सुरक्षा से कोई समझौता नहीं।
संवाद सूत्र, राघोपुर (सुपौल)। अवैध एवं बिना सत्यापन के संचालित निजी स्वास्थ्य संस्थानों, क्लीनिकों और नर्सिंग होम के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है।
अनुमंडल पदाधिकारी वीरपुर विनय कुमार द्वारा जारी निर्देश के तहत अनुमंडल क्षेत्र के सभी निजी चिकित्सा संस्थानों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सिविल सर्जन से अपना सत्यापन कराना अनिवार्य किया गया है।
निर्धारित समय सीमा के बाद बिना वैध सत्यापन के संचालित पाए जाने वाले संस्थानों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई जिलाधिकारी की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में लिए गए निर्णय के अनुपालन में की जा रही है।
बैठक में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की सुरक्षा तथा बिना मानक एवं वैध अनुमति के संचालित निजी चिकित्सा संस्थानों के संबंध में समीक्षा की गई थी।
समीक्षा के दौरान जिले में कुछ निजी स्वास्थ्य संस्थानों के बिना निर्धारित मानकों एवं वैध सत्यापन के संचालन की बात सामने आई। इसे गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सभी संबंधित संस्थानों का सत्यापन कराने का निर्णय लिया है।
15 सितंबर तक कराना होगा सत्यापन
प्रशासनिक निर्देश के अनुसार सभी निजी स्वास्थ्य संस्थानों, क्लीनिकों एवं नर्सिंग होम को 15 सितंबर तक सिविल सर्जन से अपना सत्यापन अनिवार्य रूप से कराना होगा।
इसके लिए नगर कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत वीरपुर एवं सिमराही तथा अंचल अधिकारी, प्रतापगंज को अपने-अपने क्षेत्र में संचालित निजी स्वास्थ्य संस्थानों के संचालकों को निर्देश से अवगत कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अंतिम तिथि के बाद यदि कोई निजी स्वास्थ्य संस्थान बिना वैध सत्यापन के संचालित पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
प्रशासन के इस सख्त रुख से बिना मानक या आवश्यक सत्यापन के संचालित निजी क्लीनिक एवं नर्सिंग होम के संचालकों में हड़कंप है। अनुमंडल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनस्वास्थ्य एवं मरीजों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आदेश का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि किसी भी निजी स्वास्थ्य संस्थान में इलाज कराने से पहले उसकी वैधता, पंजीकरण एवं सत्यापन की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
