सुपौल में कोसी का कहर: तेज धारा में समाया राधा-कृष्ण मंदिर, आधा दर्जन परिवार बेघर
सुपौल के सुजानपुर गांव में कोसी नदी का कटाव तेजी से जारी है, जिसके कारण राधा-कृष्ण मंदिर नदी में समा गया और आधा दर्जन परिवार विस्थापित हो गए हैं।
HighLights
सुजानपुर गांव में राधा-कृष्ण मंदिर कोसी में समाया।
नदी कटाव से आधा दर्जन परिवार विस्थापित, जमीन भी बही।
ग्रामीणों ने तत्काल कटावरोधी कार्य की मांग की।
संवाद सूत्र, किशनपुर (सुपौल)। कोसी नदी का कटाव पिछले कई दिनों से तटबंध के अंदर बसे गांवों पर लगातार कहर बरपा रहा है। नदी के तेज कटाव की चपेट में अब घरों के साथ-साथ विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और धार्मिक स्थल भी आने लगे हैं।
रविवार को मौजहा पंचायत के वार्ड संख्या दो स्थित सुजानपुर गांव में राधा-कृष्ण मंदिर कोसी की तेज धारा में समा गया। ग्रामीणों के अनुसार, सुजानपुर गांव में कोसी का कटाव लगातार तेज होता जा रहा है। कटाव की चपेट में आकर गांव के करीब आधा दर्जन परिवार पहले ही विस्थापित हो चुके हैं।
वहीं, बड़ी मात्रा में उपजाऊ जमीन भी नदी में समा चुकी है। वर्तमान में कई अन्य परिवारों के घर कटाव के मुहाने पर पहुंच गए हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि जल्द कटावरोधी कार्य शुरू नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक महीने में कोसी नदी ने पहले बेलागोठ गांव और इसके बाद पंचगछिया समेत तटबंध के अंदर बसे कई गांवों में तबाही मचाई है। अब नदी का रुख सुजानपुर गांव की ओर हो गया है। लगातार हो रहे कटाव के कारण ग्रामीण दिन-रात अपने घर और जमीन की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
राजेश शर्मा ने कहा कि कोसी नदी का कटाव इतनी तेजी से हो रहा है कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिल रहा है। मंदिर के नदी में समा जाने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। संतोष झा ने बताया कि कटाव के कारण कई परिवार अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थान की तलाश कर चुके हैं।
अभिषेक कुमार ने कहा कि कोसी की तेज धारा हर दिन जमीन को निगलती जा रही है। ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चिंता अपने घर और परिवार को सुरक्षित रखने की है।
लक्ष्मण यादव ने कहा कि पहले घर उजड़े और अब मंदिर भी नदी में समा गया। कोसी के कटाव का दायरा लगातार बढ़ रहा है। यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाया गया तो सुजानपुर के कई और घर नदी की चपेट में आ सकते हैं।
