सुपौल, जेएनएन। लगभग तीन साल से रेल सुविधा से बेजार सुपौल वासियों के लिए खुशखबरी है। अमान-परिवर्तन के बाद 1 दिसंबर से सहरसा-सुपौल रेलखंड पर नियमित रेल परिचालन की शुरूआत होने जा रही है। रविवार को बिहार सरकार के मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव, बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति मु. हारूण रसीद, सांसद दिलेश्वर कामैत द्वारा झंडी दिखा कर रेल परिचालन की शुरूआत की जाएगी।

रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल उक्त रेलखंड पर दो जोड़ी गाड़ी का परिचालन कराया जाएगा। रेल परिचालन को लेकर रेलवे स्टेशन पर एक समारोह का भी आयोजन किया जा रहा है। परिचालन को लेकर रेलवे स्टेशन का रंग-रोगन किया गया है। प्लेटफार्म की साफ-सफाई करवाई गई है। टिकट खिड़की को व्यवस्थित किया गया है। समय-सारिणी एवं किराया का होर्डिंग लगाया गया है। अब तो बस गाड़ियों के परिचालन का इंतजार है। तीन चरण में हुआ था मेगा ब्लाक सहरसा-फारबिसगंज रेलखंड पर अमान-परिवर्तन को लेकर तीन चरण में मेगा ब्लॉक लिया गया।

पहले चरण में फारबिसगंज-राघोपुर, दूसरे चरण में राघोपुर-थरबिटिया तथा तीसरे चरण में थरबिटिया-सहरसा के बीच मेगा ब्लाक लिया गया। थरबिटिया-सहरसा के बीच 25 दिसंबर 2016 को मेगा ब्लॉक लिया गया था। इधर अमान-परिवर्तन के क्रम में सहरसा और गढ़ बरुआरी के बीच कार्य पूरा कर लिया गया था और लगभग छह माह पूर्व सहरसा-गढ़ बरुआरी के बीच रेल परिचालन शुरू कर दिया गया था। उसके बाद गढ़ बरुआरी और सुपौल के बीच अमान-परिवर्तन के कार्य को गति दी गई।

13 नवंबर को गढ़ बरुआरी और सुपौल के बीच स्पीड ट्रायल किया गया। 20 नवंबर को इस रेलखंड का सीआरएस निरीक्षण हुआ और फाइनल स्पीड ट्रायल किया गया। निरीक्षण उपरांत सीआरएस द्वारा गाड़ियों के परिचालन को ले हरी झंडी रेल मंत्रालय को दी गई। उसके बाद मंत्रालय द्वारा उक्त रेलखंड पर गाड़ियों के परिचालन की सहमति प्रदान की गई। अब वह घड़ी आ गई। 1 दिसंबर को उक्त रेलखंड पर गाड़ियों का परिचालन सुनिश्चित होने जा रहा है।

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