Bihar Jamabandi: जमाबंदी के नए नियम ने बढ़ाई चिंता, पीएम किसान योजना से बाहर होने का खतरा
सुपौल में फार्मर आईडी बनाने की नई व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। पीएम किसान सम्मान ...और पढ़ें


समय कम है?
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जागरण संवाददाता, सुपौल। सरकार एवं कृषि विभाग द्वारा लागू की जा रही फार्मर आईडी व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। नए प्रविधान के तहत पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi 2026) का लाभ लेने वाले किसानों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि लाभार्थी के नाम से स्वयं की जमीन की जमाबंदी दर्ज हो।
ई-केवाईसी के साथ जमीन की जमाबंदी लाभार्थी के नाम से नहीं होने की स्थिति में फार्मर आईडी नहीं बन पा रही है, जिससे आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में किसान पीएम किसान योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं। कृषि विभाग के निर्देश पर फार्मर आईडी निर्माण का कार्य किसान सलाहकार, किसान समन्वयक तथा राजस्व विभाग के राजस्व कर्मचारी मिलकर कर रहे हैं।
विभागीय स्तर पर स्पष्ट निर्देश है कि फार्मर आईडी उसी किसान की बनेगी, जिसके नाम से भूमि की जमाबंदी दर्ज हो। इसी कारण दादा, पिता अथवा पत्नी के नाम से चली आ रही संयुक्त जमाबंदी वाले किसानों का फार्मर आईडी नहीं बन पा रही है। इसको लेकर जिले भर में किसानों के बीच हलचल और चिंता का माहौल है।
कई किसानों का कहना है कि वर्षों से दादा या पिता के नाम से जमीन है, परिवार में बंटवारा नहीं हुआ है, सभी सदस्य उसी जमीन पर खेती कर जीवन-यापन कर रहे हैं। ऐसे में अचानक नियम बदलने से उन्हें सरकारी योजना के लाभ से बाहर किया जा रहा है।
किसान कार्तिक प्रसाद सिंह ने बताया मेरे दादा एवं पिता के नाम से जमीन है, हम सभी भाई उसी जमीन पर खेती करते हैं। अब कहा जा रहा है कि जब तक मेरे नाम से जमाबंदी नहीं होगी, फार्मर आईडी नहीं बनेगी और पीएम किसान का पैसा बंद हो जाएगा।
वहीं, सीताशरण सिंह सहित अन्य किसानों ने यह भी बताया कि जमीन पत्नी के नाम से दर्ज है, जबकि खेती पति द्वारा की जाती है। ऐसी स्थिति में भी फार्मर आईडी बनाने में परेशानी आ रही है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि इस समस्या के समाधान के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
उनका सुझाव है कि संयुक्त परिवार की स्थिति में वंश वृक्ष, स्थानीय जनप्रतिनिधि अथवा राजस्व विभाग के राजस्व कर्मियों द्वारा प्रमाण पत्र के आधार पर यह प्रमाणित किया जाए कि संबंधित किसान के पास जमीन में हिस्सा है और वह वास्तविक रूप से खेती कर रहा है। इसके आधार पर फार्मर आईडी बनाई जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न हो।
किसानों का यह भी कहना है कि जमाबंदी में एक ही परिवार के कितने सदस्य शामिल हैं, इसका विवरण लेकर सभी वास्तविक कृषकों को योजना का लाभ मिलना चाहिए। वर्तमान व्यवस्था से किसानों में आक्रोश है विरोध के स्वर भी क्षेत्र में सुनाई देने लगे हैं।
सदर अंचल के अंचलाधिकारी आनंद कुमार मंडल ने बताया कि फार्मर आईडी को लेकर दिशा-निर्देश राज्य और केंद्र सरकार से प्राप्त हैं, उसी के अनुसार कार्य किया जा रहा है। हालांकि, किसानों की समस्याओं से विभाग को अवगत कराया गया है और उच्चाधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया जाएगा।
फिलहाल, फार्मर आईडी को लेकर उत्पन्न यह समस्या जिले के किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो पीएम किसान सम्मान निधि योजना से बड़ी संख्या में किसान बाहर हो सकते हैं, जिसका सीधा असर उनकी आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा।
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