सुपौल में देर रात लगी आग में 30 घर जलकर स्वाहा, पुल नहीं होने से 22 KM का चक्कर काटकर पहुंची दमकल गाड़ी
सुपौल के बसंतपुर प्रखंड में आग लगने से 13 परिवारों के 30 घर जलकर राख हो गए, जिसमें 60 लाख से अधिक का नुकसान हुआ और एक व्यक्ति झुलस गया।

आग में 30 घर जलकर स्वाहा
HighLights
सुपौल में आग से 30 घर जले, 60 लाख का नुकसान।
शॉर्ट सर्किट से आग की आशंका, एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलसा।
पुल न होने से दमकल को 22 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी।
संवाद सहयोगी, वीरपुर (सुपौल)। बसंतपुर प्रखंड की कोचगामा पंचायत स्थित बैरिया चौधरी वार्ड संख्या 14 में मंगलवार की देर रात अचानक आग लगने से 13 परिवारों के 30 घर जलकर राख हो गए। अगलगी में घरों में रखे अनाज, कपड़े, नकदी, बकरियां और अन्य घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गए।
घटना में 60 लाख रुपये से अधिक की क्षति होने का अनुमान है। वहीं आग की चपेट में आने से 30 वर्षीय गणेश पासवान गंभीर रूप से झुलस गए। उनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
ग्रामीणों ने बिजली के शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई है। बताया जाता है कि मंगलवार की रात अचानक एक घर से आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने आसपास के घरों को अपनी चपेट में ले लिया।
देर रात आग फैलने से गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने घरों से सामान निकालने और आग बुझाने की कोशिश में जुट गए, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते कई घर जलकर राख हो गए।
छोटी गाड़ी में महज 300 लीटर पानी
घटना की सूचना अग्निशमन विभाग, वीरपुर को दी गई। हालांकि थलहा धार पर पुल नहीं होने के कारण दमकल की गाड़ी को घटनास्थल तक पहुंचने के लिए करीब 22 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी। दमकल की गाड़ी पहुंचने तक आग काफी फैल चुकी थी। इसके बाद ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाया गया।
ग्रामीणों ने दमकल की छोटी गाड़ी में महज 300 लीटर पानी होने का आरोप भी लगाया। अगलगी में प्रभावित परिवारों को भारी नुकसान हुआ है। पीड़ित महिलाओं ने बताया कि उन्होंने निजी फाइनेंस कंपनी से 50 हजार रुपये का कर्ज लिया था। यह राशि घर में रखी थी, जो आग में जल गई। कई परिवारों के अनाज, कपड़े और घरेलू उपयोग के सामान के साथ आजीविका के साधन भी नष्ट हो गए।
रहने और भोजन की व्यवस्था करने की समस्या
घटना के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने और भोजन की व्यवस्था करने की समस्या खड़ी हो गई है। घटना की सूचना मिलने पर बसंतपुर के अंचलाधिकारी ब्रजेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से घटना की जानकारी ली और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
सीओ ने प्रभावित परिवारों को प्लास्टिक शीट उपलब्ध कराने तथा सरकारी प्रावधानों के अनुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया अपनाने की बात कही। फिलहाल पीड़ित परिवार प्रशासन से राहत और सहायता मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
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