-कोट

-प्रखंड के उत्तरी भाग के लोगों को लालगंज फीडर से बिजली दी जाती है। कुछ जगहों पर कुलीपट्टी पावर से बिजली दी जाती है। उत्तरी क्षेत्र में कहीं भी बिजली पावर स्टेशन नहीं है जिस कारण लोगों को अधिक दूरी से बिजली दी जाती है और वहां रास्ते में बार-बार खराबी हो जाया करती है। रास्ते में वृक्ष के रहने से भी बिजली सप्लाई में परेशानी होती रहती है और इसी कारण उपभोक्ताओं में नाराजगी बनी है।

बबलू कुमार

कनीय अभियंता

--------------------------

-बार-बार शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारी कर रहे हैं अनदेखी

-कोई ना कोई बहाना बनाकर काट दी जा रही है बिजली

-अनियमित बिजली आपूर्ति से लोगों में बढ़ने लगा आक्रोश

----------------------------

संवाद सूत्र, सरायगढ़(सुपौल): सरायगढ़-भपटियाही प्रखंड के आधी आबादी को आज भी बिजली की गंभीर समस्या से जूझना पड़ रही है। इस प्रखंड में 12 पंचायत है। जिसमें से 6 पंचायत दक्षिणी क्षेत्र में तथा 6 पंचायत उत्तरी क्षेत्र में है। उत्तरी क्षेत्र के पंचायत लौकहा, छिटही हनुमाननगर, शाहपुर पृथ्वीपट्टी, झिल्ला डुमरी, भपटियाही, पिपराखुर्द के लोग हमेशा से बिजली की किल्लत से सामना करते आ रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की मनमानी के चलते इन जगहों के लोगों के बार-बार अनुरोध के बाद भी बिजली में सुधार नहीं की जा रही है। भपटियाही से राजबल्लभ मालाकार, सूर्यनारायण मेहता, दाहुपट्टी से उपेंद्र प्रसाद, माकर गढि़या से योगेंद्र मेहता, मुरली छिटहीहनुमान नगर से मु. मुस्तफा कमाल सहित कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन सबों के कनेक्शन को दूर के बिजली पावर स्टेशन से जोड़ रखा गया है। लालगंज फीडर में कार्यरत कर्मी के मनमानी से हुए सभी परेशान हैं। वहां के कर्मी शाम होते ही बिजली काट देते हैं और फिर सुबह होने पर बिजली का दर्शन कराते हैं। कभी-कभी तो 4 दिनों तक बिजली नहीं रहती है और विभागीय अभियंता मोबाइल भी नहीं उठाते हैं। कहना है कि बिजली के नाम पर उन सबों का शोषण किया जा रहा है। माह के अंत में नाजायज बिल थमा दिया जाता है और उसके भुगतान के लिए दबाव भी बढ़ा दिया जाता है। बिल विसंगति को दूर करने के लिए बार-बार आवेदन देते हैं लेकिन उस पर कोई सुनवाई नहीं की जाती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि इस समस्या की लिखित जानकारी जिला स्तर पर भी दी गई है लेकिन कोई ध्यान देने को तैयार नहीं है। उपभोक्ताओं ने बिजली बिल भुगतान पर कड़ी आपत्ति जताते कहा कि यदि इसमें अभी सुधार नहीं हुआ और उन लोगों को नियमित रूप से बिजली की आपूर्ति नहीं की गई तो वह सभी सैकड़ों की संख्या में सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

Posted By: Jagran