संवाद सूत्र, सरायगढ़(सुपौल): सरायगढ़-भपटियाही प्रखंड में नवचयनित सेविकाओं में से 22 सेविकाओं के प्रमाण पत्र सत्यापन में फर्जीवाड़ा मिलने पर प्रभारी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अर¨वद कुमार ने 15 सेविकाओं का चयन रद्द करते हुए उसके खिलाफ 2 दिनों के अंदर भपटियाही तथा किशनपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया है। मंगलवार को यह जानकारी देते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी सह बाल विकास परियोजना पदाधिकारी ने बताया कि प्रखंड में 38 सेविकाओं का चयन किया गया था। इसमें से 22 नव चयनित सेविकाओं का प्रमाण पत्र संस्कृत शिक्षा बोर्ड पटना का था। उन्होंने बताया कि जिला स्तर से कराए गए सत्यापन में 15 चयनित सेविकाओं का प्रमाण पत्र फर्जी मिला। जिलाधिकारी तथा जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस द्वारा दिए गए आदेश के आलोक में नव चयनित सेविका पूनम कुमारी, संगीता कुमारी, गुलाब कुमारी, काजल कुमारी, कंचन कुमारी, सुधा कुमारी, सोनी कुमारी, किरण कुमारी, कौशल्या कुमारी, रेखा देवी, मुन्नी कुमारी, अंकिता कुमारी, हीरा देवी, रितु कुमारी तथा सोनी कुमारी दो का चयन रद्द कर दिया गया है। सीडीपीओ ने कहा कि उपरोक्त सभी के खिलाफ 2 दिनों के अंदर भपटियाही तथा किशनपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश संबंधित पर्यवेक्षिकाओं को दे दिया गया है।

सीडीपीओ ने कहा कि अगले 2 से 3 दिन के अंदर दूसरे नंबर के योग्य अभ्यर्थी जो वरीयता सूची में आ रहे हैं उसे चयन पत्र देते हुए उसके प्रमाण पत्र का भी सत्यापन कराने की कार्यवाही शुरु कर दी जाएगी। सीडीपीओ ने कहा कि अगर कहीं भी दूसरे नंबर के अभ्यर्थी के प्रमाण पत्र में गड़बड़ी है तो ऐसे अभ्यर्थी स्वेच्छा से अपना अपना त्यागपत्र चयन पत्र वितरण से पहले दे दें। ताकि आगे के समय में उसे कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण के प्रमाण पत्र सत्यापन में यदि किसी अभ्यर्थी का प्रमाण पत्र फर्जी मिला तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ-साथ आर्थिक दंड भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में फर्जी प्रमाण पत्र के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद यह भी देखा जाएगा कि इस तरह के फर्जी प्रमाण पत्र बेचने में कौन सा गिरोह प्रखंड क्षेत्र में काम कर रहा है। सीडीपीओ ने कहा कि कुछ सेविकाओं का प्रमाण पत्र सत्यापन अभी नहीं हुआ है। जैसे ही बचे हुए नव चयनित सेविकाओं के प्रमाण पत्र सत्यापन का प्रतिवेदन प्राप्त होगा आगे की कार्यवाही की जाएगी। इधर सीडीपीओ द्वारा 15 नव चयनित सेविकाओं का चयन रद्द करते हुए संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिए जाने से पूरे प्रखंड क्षेत्र में खलबली मच गई है।

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