सिवान। प्रखंड के एक-एक पंचायत सचिव पर तीन से चार पंचायतों का जिम्मा रहने से विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।स्थिति यह है कि सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ भी समय पर लोगों को नहीं मिल पा रहा है। इसको लेकर त्रिस्तरीय पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों में काफी रोष भी है। इस स्थिति को लेकर लोगों में ऐसी व्यवस्था के खिलाफ काफी नाराजगी है। कई जनप्रतिनिधियों ने विधायक कविता कुमारी से इन समस्याओं से अवगत कर इस दिशा में पहल करने की मांग की है। ज्ञात हो कि प्रखंड में 17 पंचायतों में सिर्फ पांच पंचायत सचिव तथा दो जनसेवक हैं। इसमें एक पंचायत सचिव के जिम्मे कम से कम तीन से चार पंचायत है। किसी पंचायत सचिव के पास एक पंचायत है। इस कारण व्यवस्था चरमरा गई है। इंदिरा आवास योजना हो या शौचालय निर्माण या फिर अन्य योजनाएं, इसमें अवैध वसूली आम बात हो गई है। बताते चले कि पंचायत सचिव सुरेंद्र कुमार ¨सह को शेरही, जगन्नाथ राम को पिनर्थु खुर्द, कौथुआ सारंगपुर, रसूलपूर, नंदकिशोर राम को बालबंगरा, करसौत, भरत ¨सह को बगौरा, रुकुंदीपुर, रामगढ़ा, मड़सरा, चंदेश्वर पाठक को जलालपुर, रमसापुर सिरसांव, हड़सर, आफताब आलम को पांडेयपुर,नवल किशोर सिंह को कोड़ारी कला एवं पकवलिया पंचायत मिला है। क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि :

प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष रामकृष्ण ¨सह, सचिव सह शेरही पंचायत की मुखिया पूनम राय विद्यार्थी, चुनचुन शर्मा, नईमुल, धनु कुमार भारती, राजमोहन साह, मुन्नी देवी, मीरा देवी, राजेंद्र मांझी, राजकुमार ठाकुर, संजय साह, कामिनी देवी आदि ने कहा कि में पिछले दो वर्षो से कबीर अंत्येष्टि योजना एवं कन्या विवाह योजना पर ग्रहण सा लग गया है। सभी पंचायतों में पेंशन लाभार्थी परेशान हैं। पंचायत में उन लोगों को आम जनता के कोप का भाजन बनना पड़ता है।

कहते हैं अधिकारी :

प्रखंड में केवल पांच पंचायत सचिव एवं दो जनसेवक हैं। पंचायत सचिव की कमी को लेकर जिला को लिखा गया है। राशि के अभाव के कारण कबीर अंत्येष्टि और कन्या विवाह योजना ठप है। विकास कार्य पंचायतों में हो रहा है। मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।

रीता कुमारी

बीडीओ, दारौंदा (सिवान)

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