यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 20, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सिवान में तमन्ना कार्यक्रम से बनेगी बच्चों के संपूर्ण विकास की रूपरेखा
छात्र-छात्राओं के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास के लिए तमन्ना कार्यक्रम के तहत उनकी क्षमता का परीक्षण किया जाएगा। उसी के आधार ...और पढ़ें

सिवान । छात्र-छात्राओं के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास के लिए तमन्ना कार्यक्रम के तहत उनकी क्षमता का परीक्षण किया जाएगा। उसी के आधार पर उनके विकास को लेकर रूपरेखा तय की जाएगी। इसको लेकर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए कवायद भी तेज कर दी गई है। इसके तहत माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के अभिक्षमता परीक्षण के लिए उनकी एप्टीट्यूड टेस्ट लिया जाएगा। इसमें विद्यार्थियों के मनोवैज्ञानिक आयामों जैसे-योग्यता, अभिरुचि, अभिप्रेरणा व्यक्तित्व इत्यादि का परीक्षण किया जाएगा। इस परीक्षा के आधार पर विशेष क्षेत्र में कौशल और ज्ञान अर्जित कर एक संपूर्ण व्यक्तित्व विकास के लिए दिशा निर्देश दिया जा सकेगा। इसके साथ ही ना सिर्फ उन छात्र-छात्राओं के लिए, बल्कि जिले के अन्य स्कूलों के सभी छात्रों के संपूर्ण विकास के लिए रूपरेखा तय की जा सकेगी और इसे अन्य छात्रों में लागू किया जाएगा, ताकि वहां के भी छात्रों का ना सिर्फ एक क्षेत्र में बल्कि उनके संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास हो सके।
शैक्षणिक और करियर संबंधी मिलेगी जानकारी :
शिक्षा विभाग कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार 21 दिसंबर को यह टेस्ट होगा। इसके पहले शिक्षकों को सात से 10 दिसंबर तक कार्यशाला के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। 27 से 30 दिसंबर के बीच शिक्षक-अभिभावक गोष्ठी की जाएगी। इसमें शैक्षिक एवं करियर संबंधी अभिरुचि की जानकारी दी जाएगी। राज्य परियोजना निदेशक ने इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी और एसएसए के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को निर्देशित किया है।
एनसीईआरटी के तैयार किए गए टूल्स का होगा इस्तेमाल :
इस परीक्षण के लिए एनसीईआरटी दिल्ली द्वारा तमन्ना (ट्राई एंड मेजर एप्टीट्यूड एंड नेचुरल एबिलिटीज) टूल का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके माध्यम से जिले के चयनित अनुकरणीय आदर्श माध्यमिक विद्यालयों के कक्षा नौवीं एवं 10वीं के 100 विद्यार्थियों का एप्टीट्यूड टेस्ट कराई जाएगी।
क्या कहते हैं जिम्मेदार :
बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए यह प्रयास किया जा रहा है। इसमें 100 बच्चों का टेस्ट लेकर उसके आधार पर संपूर्ण विकास की रूपरेखा हर स्कूल में अपनाई जाएगी।
मिथिलेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सिवान।
