वरीय अधिकारी के निर्देश पर जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में एसडीएम, सहित एसडीएम व अन्य अधिकारियों ने जांच की। जांच के क्रम में बुधवार की सुबह एसडीएम अमन समीर सदर अस्पताल में पहुंचे। उनके सदर अस्पताल में पहुंचने की भनक जैसे ही अधिकारियों को लगी वे आनन फानन में अस्पताल में पहुंचे। सुबह 11 बजे एसडीएम जांच को अस्पताल परिसर में गए थे। उन्होंने हर विभाग की गहनता से जांच की। एसडीएम ने निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी, दवा कांउटर पर मरीजों से दवा मिलने की पूछताछ की। जिसमें कुछ मरीजों ने कई दवाओं की उपलब्धता नहीं होने की बात कही। कफ सिरप नहीं रहने पर विभाग को लिखने का निर्देश एसडीएम ने दिया। एएसवी के बारे में एसडीएम ने पूछताछ करते हुए कहाकि इस सूई को अस्पताल के इमरजेंसी में होना चाहिए। ओपीडी के दवा काउंटर पर उन्होंने इसे रखने पर हैरानी जताई। इसके बाद ओपीडी के अंदर ही बाइक लगे हुए थे जिन्हें हटाने का निर्देश दिया गया। एआरवी को ठीक से रखने की सलाह दी गई। इसके बाद एसडीएम ने नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। साथ ही टीबी वार्ड में लगे खराब एसी के बारे में सवाल जवाब किया। इसके बाद एसडीएम ने एचएम से एक्सरे,अल्ट्रासाउंड के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि इसकी सुविधा यहां तत्काल बंद है। इसके बाद एसडीएम ने आइसीयू के बाहर लगे वाटर कूलर, सीएम के बाहर लगे फिल्टर की जांच की। उन्होंने पत्रकारों से कहाकि सदर अस्पताल के पानी में दोष है। सीएस कार्यालय के बाहर लगे वाटर कूलर का फिल्टर पूरी तरह से खराब हो चुका है। इसे बदलने का निर्देश दिया गया है। वहीं निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने बताया कि मुख्य सचिव के निर्देश पर पूरे जिला में जांच चल रही है। स्वच्छता, दवा, एक्सरे,पानी, एंटी रैबिज आदि पर जांच किया गया। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।

Posted By: Jagran