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बिहार में किसानों की बल्ले-बल्ले: वर्मी कंपोस्ट और बायोगैस प्लांट पर सब्सिडी, 30 सितंबर से पहले करें अप्लाई

Published: Tue, 15 Sep 2026 07:00 PM (IST)

सिवान जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के लिए कृषि विभाग ने पहल की है।

जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा, वर्मी कंपोस्ट व बायोगैस इकाई पर 50 प्रतिशत का अनुदान (AI Generated Image)

जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा, वर्मी कंपोस्ट व बायोगैस इकाई पर 50 प्रतिशत का अनुदान (AI Generated Image)

HighLights

  1. जैविक खेती को बढ़ावा देने हेतु कृषि विभाग की नई पहल।

  2. वर्मी कंपोस्ट, बायोगैस इकाई पर 50% तक सरकारी अनुदान।

  3. किसानों के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर।

जागरण संवाददाता, सिवान। जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने और रासायनिक उर्वरकों पर किसानों की निर्भरता कम करने के लिए कृषि विभाग ने पहल की है। राज्य जैविक मिशन के तहत किसानों को पक्का वर्मी कंपोस्ट पिट, गोबर-बायोगैस इकाई तथा व्यावसायिक वर्मी कंपोस्ट इकाई स्थापित करने पर अनुदान दिया जा रहा है।

योजना के लिए कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गया है। आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित की गई है।

जिला कृषि पदाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि रासायनिक खादों के अत्यधिक इस्तेमाल से मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है। योजना का उद्देश्य किसानों को जैविक खाद तैयार करने के लिए सक्षम बनाना, भूमि की सेहत सुधारना और खेती की लागत कम करना है।

पक्का वर्मी कंपोस्ट पिट की अनुमानित लागत 10 हजार रुपये निर्धारित है। इस पर 50 प्रतिशत यानी अधिकतम पांच हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। एक किसान अधिकतम तीन इकाइयों का लाभ ले सकता है।

वहीं, 42 हजार रुपये की लागत वाली गोबर-बायोगैस इकाई पर 50 प्रतिशत यानी अधिकतम 21 हजार रुपये तक सहायता मिलेगी।

वही, व्यावसायिक वर्मी कंपोस्ट इकाई के लिए भी अनुदान का प्रावधान है। तीन हजार मीट्रिक टन क्षमता की इकाई पर अधिकतम 20 लाख, दाे हजार मीट्रिक टन पर 12.80 लाख और एक हजार मीट्रिक टन क्षमता की इकाई पर अधिकतम 6.40 लाख रुपये अनुदान मिलेगा।

लाभार्थियों का चयन पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर होगा। विभाग ने किसानों से अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द आवेदन करने की अपील की है।