सिवान के गांव से भारत मंडपम तक पहुंचे डॉ. बसंत नारायण सिंह, राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन में पीएम मोदी से होंगे रूबरू
डॉ. बसंत नारायण सिंह, सिवान के हेतिमपुर गांव के निवासी, का चयन नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाले ...और पढ़ें

डॉ. बसंत नारायण सिंह
HighLights
डॉ. बसंत नारायण सिंह का राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन में चयन।
सिवान के हेतिमपुर गांव से भारत मंडपम तक का सफर।
यह उपलब्धि स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत।
संवादसूत्र. गोरेयाकोठी(सिवान)। बिहार के सिवान जिले के एक गांव से निकलकर उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में पहचान बनाने वाले डॉ. बसंत नारायण सिंह ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। हेतिमपुर गांव के निवासी डॉ. सिंह का नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सम्मेलन के लिए चयन हुआ है। इस उपलब्धि से उनके गांव और आसपास के क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
हेतिमपुर से राष्ट्रीय मंच तक का सफर
डॉ. बसंत नारायण सिंह वर्तमान में राजस्थान के सीकर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर वनस्पति विज्ञान विभाग में सहायक प्राध्यापक के रूप में कार्यरत हैं।
शिक्षा और शोध के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने अपने गृह जिले सिवान का नाम राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक अहम कदम बढ़ाया है।
आयोजकों की ओर से उन्हें सम्मेलन में भागीदारी के लिए चयन की आधिकारिक सूचना दी गई है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर उच्च शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने की उनकी उपलब्धि स्थानीय युवाओं और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन सकती है।
भारत मंडपम में जुटेंगे विज्ञान और तकनीक के विशेषज्ञ
‘इमर्जिंग साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव 2026’ का आयोजन 27 से 29 अक्टूबर तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रस्तावित है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।
इस राष्ट्रीय मंच पर वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, स्टार्टअप उद्यमियों और नीति-निर्माताओं की भागीदारी प्रस्तावित है।
सम्मेलन का उद्देश्य विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर चर्चा करना तथा देश में अनुसंधान को प्रोत्साहित करना है।
AI से जैव प्रौद्योगिकी तक उभरते विषयों पर होगी चर्चा
सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर, जैव प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, अंतरिक्ष विज्ञान और आधुनिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किए जाने की जानकारी दी गई है।
ऐसे आयोजन वैज्ञानिक समुदाय को नए विचार साझा करने और तकनीकी विकास की संभावनाओं पर चर्चा करने का अवसर देते हैं।
इसके साथ ही विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, उद्योगों और स्टार्टअप के बीच सहयोग मजबूत करने पर भी जोर रहेगा। वैज्ञानिक शोध को देश की विकास संबंधी प्राथमिकताओं और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य से जोड़ना भी इस तरह के आयोजनों का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
सिवान के युवाओं के लिए बनी प्रेरणा
डॉ. बसंत नारायण सिंह का चयन केवल उनके लिए ही नहीं, बल्कि सिवान जिले के विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए भी उत्साह बढ़ाने वाली खबर है।
उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि छोटे गांवों से आने वाले युवा भी उच्च शिक्षा, अध्यापन और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़कर राष्ट्रीय मंचों तक पहुंच सकते हैं।
उनके चयन की खबर से ग्रामीणों, शिक्षाविदों और शुभचिंतकों में प्रसन्नता है। अब सम्मेलन में उनकी सहभागिता के दौरान विज्ञान और अनुसंधान से जुड़े विचारों के आदान-प्रदान पर नजर रहेगी।
