सिवान के किसानों के लिए सुनहरा मौका; घर में ही बनाएं जैविक खाद, सरकार दे रही 50% सब्सिडी
सिवान में कृषि विभाग मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए जैविक खेती को बढ़ावा दे रहा है। इसके तहत ...और पढ़ें

घर में ही बनाएं जैविक खाद, सरकार दे रही 50% सब्सिडी (AI Generated Image)
HighLights
कृषि विभाग जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा दे रहा है।
सिवान में 1500 वर्मी कंपोस्ट पिट, 8 बायोगैस प्लांट बनेंगे।
किसानों को योजना पर 50% तक अनुदान मिलेगा।
जागरण संवाददाता, सिवान। रासायनिक खाद के बढ़ते इस्तेमाल से मिट्टी की घटती उर्वरा शक्ति को बचाने के लिए कृषि विभाग ने जैविक खाद के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की पहल तेज कर दी है। किसानों को खेत और घर में ही जैविक खाद तैयार करने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।
इस वर्ष विभाग ने वर्मी कंपोस्ट पिट और गोबर बायोगैस प्लांट का लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में करीब दोगुना कर दिया है। जिले में इस बार 1500 पक्के वर्मी कंपोस्ट पिट और आठ गोबर बायोगैस प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इच्छुक किसान योजना का लाभ लेने के लिए आनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि रासायनिक खाद के लगातार इस्तेमाल से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इसके कारण प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
डीएओ ने बताया कि वर्मी कंपोस्ट तैयार करने के लिए सिर्फ गोबर जरूरी नहीं है। खेतों में निकलने वाले फसल अवशेष, सब्जियों की लत्ती, पत्ते और पुआल को भी पीट में डालकर उसमें केंचुआ छोड़ा जा सकता है। इससे जैविक खाद तैयार होगी।
निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने पर योजना का लाभ किया जा सकता है रद
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को डीबीटी डाट एग्रीकल्चर डाट बिहार गवर्नमेंट डाट इन पर आनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद संबंधित कृषि समन्वयक स्थल का भौतिक सत्यापन करेंगे।
स्थल जांच में यह देखा जाएगा कि किसान निर्धारित स्थान पर कंपोस्ट पिट या बायोगैस प्लांट का निर्माण कर सकता है या नहीं। सत्यापन के बाद ही कार्यादेश जारी किया जाएगा।
डीएओ ने बताया कि विभागीय गाइडलाइन के अनुसार निर्माण नहीं कराने या निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने पर योजना का लाभ रद किया जा सकता है।
50 प्रतिशत तक मिलेगा अनुदान
डीएओ ने बताया कि दोनों योजनाओं में किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। वर्मी कंपोस्ट पिट की लागत इकाई 10 हजार रुपए निर्धारित की गई है। इसमें किसान को पांच हजार रुपए अनुदान मिलेगा। एक किसान अधिकतम तीन कंपोस्ट पीट का लाभ ले सकता है।
पिट की लंबाई 10 फीट, चौड़ाई तीन फीट और गहराई ढाई फीट निर्धारित है। इसके ऊपर शेड का निर्माण भी करना होगा। वही, गोबर बायोगैस प्लांट की लागत इकाई 45 हजार रुपए निर्धारित की गई है। इसमें 22 हजार 500 रुपए का अनुदान मिलेगा। प्लांट की क्षमता दो घन मीटर निर्धारित की गई है।
