सिवान। अखिल भारतीय धानुक उत्थान महासंघ की बैठक दारौंदा प्रखंड के अभुई निवासी मिथिलेश कुमार के निवास पर व्यास देव प्रसाद की अध्यक्षता में हुई, जिसमें शहीद रामफल मंडल का शहादत दिवस मनाया गया। इस दौरान शहीद के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला गया। समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि देश के आजाद कराने में अहम भूमिका निभाने वाले शहीद रामफल मंडल ने सीतामढ़ी में 24 अगस्त 1942 को तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी हरदीप नारायण सिंह को मौत के घाट उतार डाला था। इनके अन्य क्रातिकारी साथियों ने निरीक्षक रामापूती दुबे, हवलदार श्याम लाल सिंह, चपरासी दखेसी सिंह को भी मार डाला। अंग्रेजी शासन ने 23 अगस्त 1943 को भागलपुर जेल में शहीद रामफल मंडल को फासी की सजा दी गई। देश के आजादी लिए अतिपिछड़ा समाज हमेशा कुर्बानी देने के लिए देश की रक्षा के लिए अपनी जान का बाजी लगाई है। शहीद रामफल मंडल के द्वारा समाज में आदर्श की संदेश फैलाने एवं उनके बताए गए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। बैठक में मुखिया दशरथ महतो, ललन शर्मा, वीरेन्द्र शर्मा, जितेन्द्र साह, चन्दन कुमार, अशोक महतो, राजेन्द्र महतो, चन्द्रमा प्रसाद, टिमल प्रसाद, सुमेश प्रसाद, सुरेश कुमार, सत्येन्द्र महतो, रामसूरत महतो, रंजीत कुमार, मनोज महतो आदि उपस्थित थे।