सिवान। प्रखंड के हरिहास गांव स्थित दक्षिण टोला में जलापूर्ति नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने रविवार को प्रदर्शन किया।

ग्रामीणों का कहना था कि 1979 में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग बिहार सरकार द्वारा ग्रामीण जलापूर्ति हेतु बो¨रग स्थापित की गई थी और कुछ दिनों तक ग्रामीणों को पानी भी मिला। उसके बाद लगभग 20 वर्षों तक लगातार जलापूर्ति बंद रहा जिसके चलते सारी मशीनें बेकार हो गई। पुन: इसकी टेंडर लगभग 2012 में कलारो एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दी गई, जिसके तहत यह एग्रीमेंट है कि कंपनी पांच साल के अंदर 20 मीटर ऊंची जलमीनार बनाएगी, जिसकी क्षमता 125000 होगी। एग्रीमेंट के हिसाब से कंपनी को पुरानी चारदीवारी को चारों तरफ से मरम्मत करानी थी, उसके ऊपर तीन फीट के तार का घेरा लगाना था,रंगाई पुताई, मेन गेट लगाना था और पंप हाउस से मेन गेट तक आठ फीट चौड़ी सो¨लग रोड बनाना था। इतना अवधि बीतने के बावजूद भी आज तक कंपनी द्वारा काम पूरा नहीं हो सका है। बीच में कुछ दिनों तक जलापूर्ति हुई उसके बाद आज तक बंद पड़ा है। कंपनी का कोई कर्मचारी यहां नहीं रहता है जिससे अनहोनी की भी शंका है।

इसका निर्माण मानक स्वरूप नहीं हुआ है। इसके चलते नाराज ग्रामीणों ने जलापूर्ति केंद्र पर धरना प्रदर्शन किया और तुरंत जलापूर्ति की मांग की। प्रदर्शन कर मांग करने वालों में शंभू ¨सह, सत्येंद्र ¨सह, राहुल ¨सह, रामनाथ राम, निरंजन ¨सह, संजित ¨सह, नीरज ¨सह, ब्रिज ¨सह एवं

अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।

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