सिवान । खेतों में लगी रबी फसल की हरियाली बरकरार रखने के लिए इस समय किसान यूरिया की तलाश में दुकानों तक पहुंच रहे हैं। जहां यूरिया की सप्लाई कम बता दुकानदारों द्वारा उनका आर्थिक शोषण किया जा रहा है। दुकानदारों की मनमानी के कारण कालाबाजारी की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

शायद ही कोई ऐसा प्रखंड है जहां यूरिया की बिक्री 300 रुपये प्रति बोरी से कम पर की जा रही हो। वहीं इसके ठीक विपरीत विभाग दावा कर रहा है कि जिले में यूरिया की कमी नहीं है। 1100 एमटी जिले में यूरिया इस समय आई है और पूर्व से तीन हजार 500 एमटी यूरिया उपलब्धता थी। हालांकि विभाग ने इससे भी इन्कार नहीं किया कि कुछ दुकानदार चोरी-छुपे निर्धारित दर से अधिक राशि लेकर किसानों को यूरिया की बिक्री कर रहे हैं। इसको लेकर विभाग द्वारा गठित छापेमारी टीम ने दो दिन पूर्व ही तीन दुकानदारों पर निर्धारित दर से अधिक राशि लेकर यूरिया बिक्री करने पर कार्रवाई करते हुए उनका लाइसेंस रद कर दिया। इसके बावजूद बाजार में यूरिया की कालाबाजारी करने की शिकायत मिल रही है।

गुठनी में सस्ते दाम पर अब भी यूरिया की नहीं हुई उपलब्धता

गुठनी प्रखंड मुख्यालय स्थित गोदाम में यूरिया खत्म हुए महीनों बीत गए, लेकिन अभी तक किसानों को सस्ते दर पर खाद मुहैया नहीं कराया गया। इस कारण किसान निर्धारित 270 रुपये की जगह दुकानों से 300 से 350 रुपये तक प्रति बोरी खरीदने का मजबूर हो रहे हैं। इस संबंध में बिस्कोमान गोदाम प्रबंधक प्रभाकर राणा ने बताया कि विभाग से जब भी यूरिया आएगा सार्वजनिक रूप से वितरण किया जाएगा।

हुसैनगंज में भी 300 रुपये प्रति बोरी यूरिया

हुसैनगंज में किसान बाजार से 300 रुपये प्रति बोरी की दर से यूरिया की खरीदारी कर रहे हैं, जबकि सरकार द्वारा 266 रुपये 50 पैसे निर्धारित किया गया है। इस संबंध में प्रभारी बीएओ विजेंद्र कुशवाहा ने बताया कि यूरिया की कोई कमी नहीं है। दुकानदारों द्वारा अधिक राशि लेकर यूरिया बेचने की शिकायत मिलती है तो संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

भगवानपुर में दुकानदार कर रहे मनमानी

भगवानपुर में यूरिया की किल्लत बता किसानों से यूरिया बिक्री करने वाले दुकानदार 300 रुपये प्रति बोरी कीमत वसूल रहे हैं। खाद नहीं मिलने पर वे निर्धारित दर 266 रुपये से अधिक 300 रुपये प्रति बोरी खरीदने को विवश हो रहे हैं। किसान सुरेंद्र सिंह, रामेश्वर सिंह, मनोज श्रीवास्तव, संजय सिंह, मणिद्र सिंह, त्रिलोकी श्रीवास्तव, संजीव सिंह, सुरेश सिंह, दिनेश सिंह, जटाशंकर राय व अन्य किसानों ने बताया कि यूरिया नहीं मिलने से गेहूं की फसल का पैदावार पर असर पड़ेगा,इसलिए किसान चितित हैं। वहीं बड़े दुकानदारों द्वारा यूरिया जमा कर रखने से बाजार में यूरिया की आपूर्ति कम होने की बात कही जा रही है। इस संबंध में बीएओ विनय कुमार ने बताया कि एंजाइम के साथ यूरिया 270 रुपये प्रति बोरा की दर से बेचना है। मांग के अनुरूप यूरिया की आपूर्ति कम होने से ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। अधिक दाम में यूरिया बेचे जाने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यालय से नजदीक पचरुखी में दुकानदारों की मनमानी

किसानों की मानें तो पचरुखी में निर्धारित दर की जगह प्रति पैकेट 345 से 356 तक बिक्री की जा रही है। बीएओ रवि शुक्ला ने बताया कि निर्धारित अधिक राशि लेने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। यदि किसान इसकी सूचना देते हैं तो संबंधित दुकानदारों पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यूरिया की कमी नहीं है। वहीं बसंतपुर, महाराजगंज, जीरादेई में यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान निर्धारित दर 266 से 270 रुपये प्रति बोरा खरीद रहे हैं। क्या कहते हैं अधिकारी

जिले में यूरिया पर्याप्त है। इसके बावजूद कोई दुकानदार मनमानी कर रहा है तो संज्ञान मिलने पर कार्रवाई तय है। जिला छापेमारी दल दो दिन पहले तीन दुकान का लाइसेंस रद किया है। दो रैक यूरिया भी जिले में पहुंच चुकी है।

जयराम पाल, जिला कृषि पदाधिकारी, सिवान।

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