सिवान । शहर में स्वच्छता की हकीकत लोगों से छिपी नहीं है। पूरा शहर कचरे के ढेर पर पड़ा है। शहर की हर सड़क हर चौक चौराहे पर कचरे का अंबार लगा हुआ है और लोग इन्हीं कचरों पर चलकर आना जाना करने को विवश हैं। वहीं अब हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। कई मोहल्ले में तो सड़कों पर नालियों का गंदा पानी जमा पड़ा है, इस कारण लोगों को आने जाने में काफी परेशानी हो रही है, इस कारण अब महामारी का भी डर पनपने लगा है। जंगली जानवर इन कचरों में ही सुबह से शाम तक जमे रह रहे हैं, जिससे संक्रमण की आशंका और भयावह होती जा रही है।

शहर की इस दुर्दशा के लिए सिर्फ प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं बल्कि जनप्रतिनिधि भी जिम्मेदार हैं। नगर परिषद के पदाधिकारी अपने स्तर से हड़ताली कर्मियों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन कर्मी इनके बस में नहीं है और इस बार आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। वहीं जिनके जिम्मे पूरे जिले की कमान हैं वे भी अपनी कानों में तेल डालकर बैठे हैं। ऐसे में सिवान की छवि दूसरे जिले के लोगों में किस कदर बैठ रही यह जगजाहिर है। कुल मिलाकर इस समय सफाई व्यवस्था राम भरोसे है और इसका मालिक कोई नहीं है।

इधर शुक्रवार को फिर से हड़ताली कर्मियों ने नगर परिषद के मुख्य गेट पर बैठ कर नारेबाजी की और अपनी हड़ताल को मांगे पूरी नहीं होने तक जारी रखने की बात कही। शहर में पसरी गंदगी पर बोले नगरवासी :

नाला की साफ-सफाई नहीं होने से गंदा पानी सड़क पर फैल गया है। सफाई नहीं होने के जिम्मेदार पूरी तरह से जिले के पदाधिकारी और नगर परिषद प्रशासन है। अगर जल्द इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो शहर की जनता भी सफाई कर्मियों के साथ सफाई के मामले में सड़क पर उतर जाएगी।

चांद, अस्पताल मोड़ अगर जल्द इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो मुहल्ले में बीमारी जैसी हालात हो जाएंगी। साफ-सफाई को लेकर नगर परिषद पूरी तरह से उदासीन हो गया है। हर मुख्य चौक चौराहे पर कूड़ा जमा हो जाने से आने जाने में लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

जवाहर शर्मा, बड़ी मस्जिद के पीछे नाले में गंदगी जमा हो गई है, जिससे पानी सड़कों पर बह रहा है। काफी लंबे समय से नगर परिषद की ओर से नाले की सफाई नहीं कराई गई है। उसके बाद सफाईकर्मियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण स्थिति और भयानक हो गई है।

उमाकांत, श्रीकांत नगर साफ-सफाई ना होने के लिए नगर परिषद जिम्मेदार है। नाले का पानी व कूड़े से पूरा सड़क पट गया है। फिर भी अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के कान पर जू तक नहीं रेंग रहा है। इससे लोग बीमार हो जाएंगे। संक्रमण की आशंका बढ़ने लगी है। जिला प्रशासन सो रहा है।

सुनिता देवी, सोनार टोली शहर में पसरी गंदगी के कारण निकलना मुश्किल हो गया है। हर चौक-चौराहे पर कूड़े का ढेर जमा हो गया है। सड़कों पर पसरे कूड़े के कारण आम लोगों को भी परेशानी हो रही है, पर नगर परिषद प्रशासन इसके लिए कारगर समाधान नहीं निकाल रहा है।

काजल कुमारी, सोनार टोली शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। इसको लेकर जिलाधिकारी से शिकायत की गई है। जिलाधिकारी को चाहिए कि शहर के बुद्धिजीवी लोगों से मिलकर इसपर बेहतर रूप से विचार करें। साथ ही आम लोगों को भी चाहिए कि शहर की सफाई व्यवस्था में अपना योगदान दें।

मलीह अहमद खां, नया किला, वार्ड संख्या 9 क्या कहते हैं जिम्मेदार :

शहर की सफाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर कूड़े को उठवाया जा रहा था, लेकिन हड़ताली सफाईकर्मियों ने विरोध करते हुए उठाव को बंद करा दिया। जब उनसे इसपर बात करने की कोशिश की जा रही है, तो वे मानने को तैयार नहीं हो रहे है। अगर उनकी तरफ से कोई बात बताई जाती तब तो उसका समाधान निकाला जाता, लेकिन सही बात नहीं बताई जा रही है। जल्द हीं समाधान कर साफ-सफाई का काम कराया जाएगा।

सिधु सिंह, सभापति, नगर परिषद सिवान एक-दो दिनों में प्रशासन की देखरेख में कचरा का उठाव कराया जाएगा। डोर-टू-डोर कूड़े का कलेक्शन कराया जा रहा है।

अजित कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद।

Posted By: Jagran

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