सिवान के इस गांव से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचे डाॅ. बसंत नारायण सिंह, PM मोदी से होंगे रूबरू
सिवान के हेतिमपुर गांव निवासी डॉ. बसंत नारायण सिंह का चयन इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलाजी एंड इनोवेशन कान्क्लेव 2026 के लिए ...और पढ़ें

डॉ. बसंत नारायण सिंंह। फाइल
HighLights
डॉ. बसंत नारायण सिंह का राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए चयन।
इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलाजी एंड इनोवेशन कान्क्लेव में भागीदारी।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री करेंगे उद्घाटन।
संवाद सूत्र, गोरेयाकोठी (सिवान)। गोरेयाकोठी प्रखंड स्थित हेतिमपुर गांव के निवासी डाॅ. बसंत नारायण सिंह का विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सम्मेलन इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलाजी एंड इनोवेशन कान्क्लेव 2026 में भाग लेने के लिए चयन हुआ है।
यह सम्मेलन 27 से 29 अक्टूबर तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगा। आयोजकों की ओर से उन्हें आधिकारिक सूचना देकर चयन पर बधाई दी गई है।
डा. बसंत नारायण सिंह वर्तमान में राजस्थान के सीकर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर वनस्पति विज्ञान विभाग में सहायक प्राध्यापक हैं। उनके चयन से हेतिमपुर गांव और आसपास के क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
प्रधानमंत्री करेंगे सम्मेलन का उद्घाटन
आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी विकास और नवाचार को बढ़ावा देना है।
इसमें वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, स्टार्टअप उद्यमियों और नीति-निर्माताओं के शामिल होने की संभावना है।
सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, जैव प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और अंतरिक्ष विज्ञान सहित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के उभरते क्षेत्रों पर चर्चा होगी। इसमें अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और नोबेल पुरस्कार विजेताओं की सहभागिता भी प्रस्तावित है।
युवाओं के लिए बनेगी प्रेरणा
इस सम्मेलन का एक प्रमुख उद्देश्य विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों, उद्योगों और स्टार्टअप के बीच सहयोग को मजबूत करना है। साथ ही, वैज्ञानिक विचारों के आदान-प्रदान और नवीन तकनीकों की संभावनाओं पर चर्चा के लिए मंच उपलब्ध कराना है।
हेतिमपुर जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में पहचान बनाने वाले डाॅ. सिंह की सहभागिता को स्थानीय युवाओं और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि माना जा रहा है। उनके चयन से जिले के शिक्षाविदों, शुभचिंतकों और ग्रामीणों में प्रसन्नता है।
