विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बिहार में प्याज सस्ते में बेचने की मजबूरी होगी खत्म! गोदाम बनाने पर मिलेगा 75% तक अनुदान; ऐसे रोक सकेंगे नुकसान

Published: Sat, 05 Sep 2026 03:24 PM (IST)

सरकार प्याज किसानों को भंडारण गृह बनाने पर 75% तक अनुदान दे रही है, जिससे वे कम भाव पर उपज ...और पढ़ें

प्याज सस्ते में बेचने की मजबूरी होगी खत्म।

प्याज सस्ते में बेचने की मजबूरी होगी खत्म।

HighLights

  1. प्याज भंडारण गृह निर्माण पर 75% तक अनुदान।

  2. किसान कम भाव पर प्याज बेचने से बचेंगे।

  3. उपज सुरक्षित रखकर बेहतर आय प्राप्त कर सकेंगे।

जागरण संवाददाता, सिवान। प्याज की फसल तैयार होने के बाद बाजार में भाव गिरने से किसानों को अक्सर अपनी उपज कम कीमत पर बेचनी पड़ती है। इससे उनकी मेहनत और लागत के अनुरूप आमदनी नहीं हो पाती।

किसानों को इस समस्या से राहत दिलाने के लिए सरकार ने प्याज के वैज्ञानिक भंडारण को बढ़ावा देने की पहल की है। इसके तहत प्याज भंडारण गृह के निर्माण पर किसानों को 50 से 75 प्रतिशत तक अनुदान देने का प्रावधान किया गया है।

इस योजना का लाभ मिलने से किसान फसल तैयार होने के तुरंत बाद कम कीमत पर प्याज बेचने के लिए मजबूर नहीं होंगे। वे अपनी उपज को सुरक्षित तरीके से कुछ समय तक भंडारित कर सकेंगे और बाजार में भाव में सुधार होने पर उसे बेचकर बेहतर आमदनी प्राप्त कर सकेंगे।

कृषि एवं वानिकी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्याज उत्पादक किसानों को वैज्ञानिक तरीके से भंडारण की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए यह योजना लागू की गई है।

बाजार में कीमत कम रहने की स्थिति में किसान अपनी उपज को रोक सकेंगे। बाद में मांग बढ़ने और बाजार भाव में सुधार होने पर प्याज बेचने से उन्हें अपेक्षाकृत बेहतर मूल्य मिल सकता है।

25 और 50 मीट्रिक टन क्षमता के बनेंगे भंडारण गृह

बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के तहत अलग-अलग क्षमता वाले प्याज भंडारण गृह के निर्माण के लिए अनुदान दिया जाएगा। किसानों के लिए 25 और 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले भंडारण गृह का विकल्प उपलब्ध होगा।

इसका उद्देश्य किसानों को खेत के आसपास ही प्याज के सुरक्षित भंडारण की सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें फसल तैयार होते ही बाजार में कम कीमत पर बिक्री न करनी पड़े।

जमीन से ऊंचा और हवादार होना चाहिए भंडारण गृह

प्याज को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए भंडारण गृह का वैज्ञानिक तरीके से निर्माण जरूरी है। इसे जमीन की सतह से ऊंचा और पर्याप्त हवादार रखा जाना चाहिए, ताकि वर्षा का पानी और नमी अंदर नहीं पहुंच सके। प्याज की परतों के बीच भी हवा का पर्याप्त आवागमन होना जरूरी है।

भंडारण के लिए स्वस्थ, अच्छी तरह सूखे छिलके और कम नमी वाले गुणवत्तापूर्ण प्याज का चयन करना चाहिए। कटे, सड़े या खराब प्याज को भंडारित करने से बचना चाहिए। अधिक नमी वाले प्याज को रखने से खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।

निर्धारित अवधि में करना होगा ऑनलाइन आवेदन

अनुदान और आवेदन से संबंधित जानकारी के लिए किसान कृषि एवं बागवानी विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित अवधि के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

इस पहल से प्याज उत्पादक किसानों को बाजार भाव में उतार-चढ़ाव के दौरान अपनी उपज रोककर रखने का विकल्प मिलेगा। इससे उन्हें औने-पौने दाम पर प्याज बेचने की मजबूरी से राहत मिलने और आय में सुधार की उम्मीद है।