सिवान, जागरण संवाददाता: सिवान के लकड़ीनबीगंज की भोपतपुर पंचायत के बाला गांव में दो दिन पहले जहरीली शराब पीकर जान गंवाने वालों की संख्या नौ हो गई है। इलाजरत सुरेंद्र प्रसाद की मृत्यु मंगलवार की सुबह हो गई। वहीं, पीएमसीएच रेफर किए गए दुलम राम की भी मौत की पु‍ष्टि हो चुकी है। मंगवार देर शाम को सुदर्शन महतो, पिता मुख्तार महतो उम्र 50 वर्ष ग्राम बसौली निवासी की मौत हो गई। बता दें कि सुदर्शन को आज नबीगंज अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल भेजा गया था, जहां सदर अस्‍पताल से उसे पटना पीएमसीएच रेफर किया गया था।

सोमवार को गोपालगंज में भी एक अधेड़ की शराब से मौत होने की बात सामने आई है, लेकिन उसके पर‍िजनों ने पुलिस को बीमारी से मौत होने का आवेदन दिया है। मृतक नग नारायण साह के शव का पोस्‍टमार्टम किए बिना ही अंतिम संस्‍कार कर दिया गया। बता दें कि नग नारायण साह ने सिवान के सीमावर्ती गांव से 50 रुपये में शराब का पाउच खरीदकर पीने की बात स्‍वीकारी थी। 

वहीं, सदर अस्पताल में तीन लोगों का उपचार जारी है। तीनों को मंगलवार की सुबह घर भेज दिया गया था, लेकिन सुरेंद्र प्रसाद की मौत के बाद तीनों को वापस सदर अस्पताल बुला लिया गया है और उपचार हेतु चिकित्सकों की देख-रेख में रखा गया है। जहरीली शराब (स्प्रिट) से  रविवार की देर शाम से सोमवार की दोपहर तक आधा दर्जन लोगों की जान जा चुकी थी, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग बीमार हो गए। इसमें कुछ पीड़ितों का उपचार सदर अस्पताल में चल रहा है। 

इन लोगों की जहरीली शराब से हुई मौत 

मृतकों में जनक बिन, धुरेंद्र मांझी, राजेश प्रसाद, जितेंद्र मांझी, राजू मांझी एवं पड़ौली निवासी लछन देव राम शामिल हैं। वहीं, सदर अस्पताल में उपचार कराने वालों में शंकर मांझी, जितेंद्र मांझी, सुरेंद्र बिन, नीरज कुमार शामिल हैं। हालांकि, लछन देव राम के स्वजनों का कहना है कि उनकी मौत बीमारी के कारण हुई है, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा लछन के शव का पोस्टमार्टम कराए जाने के दौरान स्वजन यह नहीं बता पाए कि उन्हें कौन सी बीमारी थी।

इसके पूर्व रविवार की देर शाम मृतक जनक बिन की मौत सदर अस्पताल में उपचार के लिए लाने के दौरान हो गई थी, देर रात पटना जाने के क्रम में धुरेंद्र मांझी एवं राजेश प्रसाद की मौत हो गई। पुलिस ने सभी मृतकों का पोस्टमार्टम करा विसरा को लैब भेज दिया है। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 12 लोगों की गिरफ्तारी की थी और अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी थी।

दुलम रावत की आंखों की रोशनी गई 

सदर अस्पताल में उपचार के दौरान दुलम रावत ने बताया कि उसकी आंखों से दिखाई नहीं दे रहा है। सोमवार की सुबह आंखों से दिखाई देना बंद हो गया। दुलम रावत ने बताया कि उसने प्लास्टिक रैपर में भरी शराब का सेवन किया था।

सोमवार की सुबह दो हुए पटना रेफर

अस्पताल प्रशासन की मानें तो जितेंद्र मांझी एवं राजू मांझी को सोमवार की सुबह स्थिति गंभीर होने पर पटना रेफर किया गया। दोनों की पटना जाने के क्रम में रास्ते में मौत हो गई। दोनों को सदर अस्पताल लाया गया जहां पोस्टमार्टम के बाद स्वजनों को शव सौंप दिया गया।

एक दर्जन से अधिक लोगों की हुई गिरफ्तारी

मामले में डीएम अमित कुमार पांडेय ने सोमवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि रविवार को बाला गांव में कुछ लोगों के अचानक स्वास्थ्य खराब होने की सूचना पर सभी को सदर अस्पताल लाया गया, इसमें एक व्यक्ति की मौत रास्ते में हो गई, जबकि पटना जाने के क्रम में दो लोगों की मौत हो गई। पोस्टमार्टम कराया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही कारण स्पष्ट हो पाएगा। वहीं, विसरा की जांच हेतु फॉरेंसिक लैब में भेज दी गई है। अनुमंडल प्रशासन घटनास्थल पर कैंप कर रहा है।

लोगों से की जा रही अपील

डीएम ने बताया कि बाला गांव में माइकिंग के जरिए लोगों से अपील की जा रही है। यदि कोई व्यक्ति अस्वस्थ है तो निकटतम प्राथमिकी स्वास्थ्य केंद्र में अविलंब इलाज हेतु आगे आए।

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Edited By: Prateek Jain

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