काशी विश्वनाथ की तर्ज पर बदलेगा सिवान के बाबा महेंद्रनाथ धाम का स्वरूप, झील में बनेगी भगवान शिव की भव्य प्रतिमा
सिवान के बाबा महेंद्रनाथ धाम को काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। इसमें झील में ...और पढ़ें

बाबा महेंद्रनाथ धाम का होगा कायाकल्प। जागरण
HighLights
बाबा महेंद्रनाथ धाम का काशी विश्वनाथ की तर्ज पर विकास।
झील में स्थापित होगी भगवान शिव की भव्य प्रतिमा।
श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं और रोजगार के अवसर।
संवाद सूत्र, सिसवन (सिवान)। मेहदार स्थित प्रसिद्ध बाबा महेंद्रनाथ धाम को काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर भव्य कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है।
पर्यटन विभाग की ओर से इस बाबत तैयार प्रेजेंटेशन में धाम के समग्र विकास के लिए 27 प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया गया है।
एकमा के जदयू विधायक मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह के साथ बिहार पर्यटन विभाग की टीम ने गुरुवार को धाम परिसर का निरीक्षण कर प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी ली।
झील में स्थापित होगी भगवान शिव की भव्य प्रतिमा
प्रस्ताव के अनुसार मुख्य मंदिर के सामने स्थित झील के बीच जल-फव्वारे के साथ भगवान शिव की विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
परिसर में 12 ज्योतिर्लिंगों से प्रेरित 12 शिवलिंग, श्रद्धालुओं के लिए छायादार कंक्रीट परिक्रमा पथ तथा कांवड़ यात्रियों के लिए प्रतीकात्मक कांवड़ मार्ग बनाया जाएगा।
मुख्य प्रवेश द्वार पर ‘ॐ नमः शिवाय’ तोरण, सुरक्षा जांच काउंटर और भीड़ प्रबंधन के लिए अलग-अलग लेन की व्यवस्था प्रस्तावित है।
कॉरिडोर में यज्ञशाला, भोगशाला, प्रसाद काउंटर, सेवादार कार्यालय, सुरक्षा एवं अग्निशमन व्यवस्था तथा वीआइपी गेस्ट हाउस बनाने की योजना है।
ध्यान, योग और सत्संग के लिए मार्बल फर्श वाला छायादार मंडप भी विकसित किया जाएगा। इसके अलावा शिव वाटिका, विष्णु वाटिका, संग्रहालय, वैदिक लाइब्रेरी और नॉलेज सेंटर बनाने का प्रस्ताव है।
श्रद्धालुओं के भी होंगे कई इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग, स्नानघर-शौचालय, बच्चों के लिए पार्क, मेला क्षेत्र और व्यावसायिक दुकानों का भी प्रावधान किया गया है।
झील में बोटिंग और कायाकिंग की सुविधा विकसित करने की योजना है। महामृत्युंजय सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अलग शिवलिंग परिसर बनाने का भी प्रस्ताव है।
कॉरिडोर के विकसित होने से बाबा महेंद्रनाथ धाम में धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यवसाय के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
