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Sitamarhi News : इतिहास लिखने वालों ने रामफल मंडल के बलिदान के साथ की बेईमानी', उपेंद्र कुशवाहा का बड़ा आरोप

By Anil tiwariEdited By: Dharmendra Singh
Published: Sun, 06 Sep 2026 06:09 PM (IST)

उपेंद्र कुशवाहा ने सीतामढ़ी में बलिदानी रामफल मंडल को श्रद्धांजलि दी और उनके नाम पर डाक टिकट जारी होने की ...और पढ़ें

सीतामढ़ी में बलिदानी रामफल मंडल की तस्वीर पर माल्यार्पण करते उपेंद्र कुशवाहा व अन्य।

सीतामढ़ी में बलिदानी रामफल मंडल की तस्वीर पर माल्यार्पण करते उपेंद्र कुशवाहा व अन्य।

HighLights

  1. उपेंद्र कुशवाहा ने बलिदानी रामफल मंडल को सीतामढ़ी में श्रद्धांजलि दी।

  2. रामफल मंडल के नाम पर डाक टिकट जारी, लाइब्रेरी बनेगी।

  3. इंजीनियरिंग कॉलेज का नामकरण करने की भी पहल होगी।

जागरण संवाददाता, सीतामढ़ी। स्वतंत्रता आंदोलन के बलिदानी रामफल मंडल की स्मृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल तेज हो गई है। उनके स्मारक के पास लाइब्रेरी बनाने के साथ सीतामढ़ी में निर्माणाधीन इंजीनियरिंग कॉलेज का नाम भी उनके नाम पर रखने की पहल की जाएगी। इससे युवाओं को उनके संघर्ष और बलिदान की जानकारी मिलने के साथ पढ़ाई के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम होगा।

प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा रविवार को बाजपट्टी प्रखंड की मधुरापुर पंचायत के मधुरापुर गांव पहुंचे। उन्होंने बलिदानी रामफल मंडल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उनके स्वजन से मुलाकात की और आयोजित कार्यक्रम में उनके बलिदान को याद किया।

देशभर में पहुंचेगी बलिदान की कहानी

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उनके प्रयास से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वीकृति के बाद केंद्र सरकार ने अमर बलिदानी रामफल मंडल के नाम पर डाक टिकट जारी किया है। अब देश के कोने-कोने में लोग डाक टिकट के माध्यम से उनके बारे में जान सकेंगे। उन्होंने रामफल मंडल के नाम से जारी डाक टिकट उनके स्वजन को समर्पित किया।

'इतिहास में नहीं मिली उचित जगह'

कुशवाहा ने कहा कि रामफल मंडल को वर्ष 1942 में फांसी दी गई थी, जबकि देश 1947 में आजाद हुआ। इसके बावजूद उनके बलिदान की जानकारी लोगों तक पर्याप्त रूप से नहीं पहुंची। उन्होंने आरोप लगाया कि इतिहास लिखने वालों ने रामफल मंडल का इतिहास लिखने में बेईमानी की। अब डाक टिकट जारी होने से उनके बलिदान को व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।

स्मारक के पास बनेगी लाइब्रेरी

कुशवाहा ने मधुरापुर में रामफल मंडल के स्मारक के पास उनके नाम पर लाइब्रेरी बनाने की घोषणा की। लाइब्रेरी बनने से स्थानीय विद्यार्थियों और युवाओं को अध्ययन के लिए सुविधा मिल सकेगी। साथ ही रामफल मंडल के जीवन और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े इतिहास को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

इंजीनियरिंग कॉलेज के नामकरण की पहल

उन्होंने सीतामढ़ी में निर्माणाधीन इंजीनियरिंग कॉलेज का नाम रामफल मंडल के नाम पर रखने के लिए बिहार सरकार के साथ समन्वय करने की बात कही। इससे शैक्षणिक संस्थान के साथ बलिदानी की पहचान भी जुड़ सकेगी।

स्वजन को मिलेगा पक्का घर

बाजपट्टी विधायक रामेश्वर महतो ने बताया कि अमनौर के विधायक मंटू पटेल की ओर से बलिदानी के स्वजन के लिए पक्का घर बनवाया गया है। शेष जमीन पर भी पक्का घर बनाकर स्वजन को सौंपने की बात कही गई। कार्यक्रम में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह सहित कई लोग मौजूद थे।