सीतामढ़ी। डीएम डॉ. रणजीत कुमार ¨सह ने कहा कि शिक्षित और समृद्ध समाज की स्थापना में शिक्षकों की भूमिका अहम है। राष्ट्र के निर्माण में शिक्षकों का योगदान काफी महत्व रखता है। शिक्षक समाज के दर्पण है। उन पर नौनिहालों का भविष्य निर्भर है। डीएम शनिवार को जिला मुख्यालय डुमरा स्थित नेहरू भवन में बिहार पंचायत-नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में शिक्षकों की समस्याओं पर चर्चा को लेकर आयोजित शिक्षक संवाद कार्यक्रम का उदघाटन करने के बाद मौजूद शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान डीएम ने शिक्षकों को उनके कर्तव्य से रूबरू कराते हुए बच्चों को सर्वश्रेष्ठ संस्कार व ज्ञान देने का आग्रह किया। वहीं कहा कि शिक्षकों के ही आर्शीवाद पर समाज में नैतिकता तथा देश की समृद्धि हो सकती है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष आनंद कौशल ¨सह ने शिक्षकों को दायित्व निर्वहन का संकल्प दिलाते हुए कहा कि हमें सरकार से वेतन के मुद्दे पर संघर्ष चल रहा है, लेकिन शिक्षा के प्रति हमारी दायित्व में कमी नहीं आनी चाहिए। यही सच्चे शिक्षक की पहचान है। उन्होंने कहा कि समान काम समान वेतन के मुद्दे पर उच्च न्यायालय की तरह ही उच्चतम न्यायालय भी शीघ्र शिक्षकों के हक में निर्णय देगी। नियोजित शिक्षक 15 वर्षों से अल्प वेतन पर शहर से लेकर सुदूर ग्रामीण इलाकों में शिक्षा का दीप जला रहे है। जिलाध्यक्ष प्रकाश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम को संघ महासचिव रामचंद्र यादव, पंकज कुमार ¨सह, मृत्युंजय कुमार, विपीन बिहारी भारती, माजुद्दीन, सौरभ कुमार ¨सह, रफीउद्दीन आदि ने संबोधित किया। मौके पर सनोज कुमार, मनोज कुमार यादव, रामप्रवेश यादव, इसराईल, मधुरेंद्र यादव, चंदन कुमार, कमरूद्दीन, सुनील झा, अनुराधा रानी, पंकज कुमार निराला, सुधा कुमारी, विभा कुमारी, मुकेश कुमार, रामावतार साहनी, पूनम कुमारी, विजय चौधरी समेत बड़ी संख्या में शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद थीं। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष प्रकाश कुमार के नेतृत्व में शिक्षकों के शिष्टमंडल ने जिले के शिक्षकों की समस्याओं से संबंधित आठ सूत्री मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंपा। डीएम ने समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया।

Posted By: Jagran