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सीतामढ़ी के सुरसंड में फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले सेंटर पर छापेमारी, संचालक गिरफ्तार

By Chandra Kishore Saxena Edited By: Ajit kumar
Published: Thu, 05 Feb 2026 06:19 PM (IST)

UIDAI Fraud Case: सीतामढ़ी के सुरसंड में पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले एक केंद्र पर छापा मारा और ...और पढ़ें

Fake Aadhaar Card Centre: पुलिस ने छापेमारी के दौरान खाली जाली प्रमाण पत्र भी बरामद किए हैं। फाइल फोटो

Fake Aadhaar Card Centre: पुलिस ने छापेमारी के दौरान खाली जाली प्रमाण पत्र भी बरामद किए हैं। फाइल फोटो 

HighLights

  1. सुरसंड में फर्जी आधार कार्ड केंद्र पर छापेमारी।

  2. संचालक राजीव कुमार गिरफ्तार, उपकरण जब्त।

  3. बिना दस्तावेज 2500 रुपये में बनते थे आधार।

संवाद सहयोगी, सुरसंड (सीतामढ़ी)। Sitamarhi Fake Aadhaar: सुरसंड प्रखंड मुख्यालय के निकट कुम्मा गांव में फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने वाले एक सेंटर पर पुलिस ने छापेमारी कर संचालक को गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान बथनाहा थाना क्षेत्र के नरहां गांव निवासी राजीव कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में आधार कार्ड, आवेदन की रिसिविंग, लैपटॉप, अंगूठा लगाने की मशीन, मोबाइल फोन और अन्य उपकरण जब्त किए हैं।

पुलिस के अनुसार, दो फरवरी को इस सेंटर पर अवैध रूप से आधार कार्ड बनाने की शिकायत मिली थी। इसके बाद सुरसंड थानाध्यक्ष लाल किशोर गुप्ता के नेतृत्व में एसआई चंद्रभूषण ने छापेमारी की थी, लेकिन उस समय सेंटर बंद मिला था और संचालक फरार हो गया था।

गुरुवार को फिर से सूचना मिली कि उसी सेंटर पर फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। इस पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोबारा छापेमारी की और संचालक को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इसकी सूचना तकनीकी सेल को भी दी गई।

जांच में सामने आया कि आरोपी ने कुल 64 लोगों का आईडी लोड किया था, जिसमें 19 लोगों का आधार कार्ड बन चुका था, जबकि बाकी का काम लंबित था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि बिना वैध दस्तावेज के आधार कार्ड बनवाने के लिए लोगों से 2000 से 2500 रुपये तक वसूले जाते थे।

पुलिस ने छापेमारी के दौरान खाली जाली प्रमाण पत्र भी बरामद किए हैं। इन पर नाम और अन्य जानकारियां भरकर स्कैनिंग के माध्यम से फर्जी आधार कार्ड तैयार किए जाते थे।

पुलिस की कार्रवाई के बाद आसपास के दुकानदारों में हड़कंप मच गया और कई लोग अपने प्रतिष्ठान बंद कर वहां से फरार हो गए। बताया गया कि फार्मर आईडी, बैंक खाता अपडेट और अन्य सरकारी कार्यों में आधार की अनिवार्यता के कारण लोगों की भीड़ रहती थी, जिसका आरोपी नाजायज फायदा उठा रहा था।

थानाध्यक्ष लाल किशोर गुप्ता ने बताया कि इस सेंटर पर पिछले कई दिनों से नजर रखी जा रही थी। एसआई चंद्रभूषण के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में सीतामढ़ी भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।