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सीतामढ़ी में फायरिंग व अवैध हथियारों पर कार्रवाई न होने से भड़के ग्रामीण, डुमरा थाने का घेराव

By Anil tiwariEdited By: Dharmendra Singh
Published: Mon, 07 Sep 2026 03:04 PM (IST)

सीतामढ़ी के डुमरा थाने में सैकड़ों ग्रामीणों ने फायरिंग और आपराधिक गतिविधियों पर कार्रवाई न होने के विरोध में घेराव ...और पढ़ें

थाने का घेराव करते स्थानीय लोग।

थाने का घेराव करते स्थानीय लोग।

HighLights

  1. ग्रामीणों ने डुमरा थाने का घेराव कर कार्रवाई की मांग की।

  2. एजाज और त्रिभुवन पर अवैध हथियार, फायरिंग, धमकी के आरोप।

  3. पुलिस ने आरोपों की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

जागरण संवाददाता, सीतामढ़ी। गांव में फायरिंग और कथित आपराधिक गतिविधियों के आरोपों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज सैकड़ों ग्रामीण सोमवार को डुमरा थाने पहुंच गए।

केथरिया गांव के लोगों ने थाने का घेराव कर पुलिस के सामने गांव की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। ग्रामीणों ने एजाज और त्रिभुवन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की जांच और आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की। लोगों ने कहा कि शिकायतों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में भय और नाराजगी दोनों बढ़ रही है।

फायरिंग मामले में कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने पिछले दिनों जिला पार्षद बैजनाथ महतो के घर पर हुई फायरिंग की घटना का मामला प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि घटना के बाद आरोपितों के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

Sitamarhi

अवैध हथियार रखने का लगाया आरोप

थाने पहुंचे ग्रामीणों ने एजाज और त्रिभुवन पर अवैध हथियार रखने और कथित तौर पर हवाई फायरिंग करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना था कि दोनों की गतिविधियों को लेकर पूर्व में भी पुलिस से शिकायत की गई थी। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से स्थिति को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है।

शराब के धंधे से जुड़े होने का आरोप

ग्रामीणों ने दोनों पर शराब के धंधे से जुड़े होने का भी आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस ने पुष्टि नहीं की है। ग्रामीणों ने मांग की कि आरोपों की गंभीरता से जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

धमकी देने की भी शिकायत

ग्रामीणों ने एजाज और त्रिभुवन पर जिला परिषद सदस्य बैजनाथ महतो समेत कुछ अन्य लोगों को कथित तौर पर धमकी देने का भी आरोप लगाया। लोगों ने धमकी से जुड़े मामलों की जांच कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में अप्रिय स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

28 अगस्त की फायरिंग का उठाया मामला

ग्रामीणों ने 28 अगस्त को हुई फायरिंग की घटना का भी हवाला दिया। उनके अनुसार, जिला परिषद सदस्य बैजनाथ महतो को निशाना बनाकर फायरिंग की गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मौके से खोखा बरामद किया था। हालांकि, फायरिंग किसने की और इसके पीछे क्या कारण था, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट

मामले में डीएसपी ने बताया कि वह फिलहाल बाहर हैं। पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद ही बयान दे पाएंगे। पुलिस ने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं की है। जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।