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सीतामढ़ी के स्कूलों में बच्चे बनेंगे स्वच्छता दूत, अब गीला और सूखा कचरा प्रबंधन की देंगे सीख

Published: Thu, 27 Aug 2026 04:08 PM (IST)

सीतामढ़ी के स्कूलों में बच्चे अब 'स्वच्छता दूत' बनकर गीले और सूखे कचरे के प्रबंधन की सीख देंगे। यह पहल ...और पढ़ें

स्कूल से शुरू होकर परिवार और पूरे समाज तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाने की ठोस तैयारी है। फाइल फोटो

स्कूल से शुरू होकर परिवार और पूरे समाज तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाने की ठोस तैयारी है। फाइल फोटो

HighLights

  1. स्कूलों में बच्चे बनेंगे स्वच्छता दूत, देंगे कचरा प्रबंधन की सीख।

  2. छात्रों को गीला, सूखा कचरा अलग करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा।

  3. समुदाय में स्वच्छता जागरूकता फैलाने का लक्ष्य, उत्कृष्ट स्कूलों को सम्मान।

जागरण संवाददाता, सीतामढ़ी। Swachhata Doot Sitamarhi: घर में कचरा इधर-उधर फेंकने या गीला और सूखा कूड़ा एक साथ डालने पर अब बच्चे ही रोकेंगे और सही तरीका समझाएंगे।

सीतामढ़ी के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों के छात्र किताबों से आगे बढ़कर स्वच्छता दूत की भूमिका निभाएंगे। यह पहल स्कूल से शुरू होकर परिवार और पूरे समाज तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाने की ठोस तैयारी है।

कचरा निस्तारण का पाठ

विद्यार्थियों को गीला, सूखा, सैनिटरी और अन्य कचरे को स्रोत पर ही अलग करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही छात्रों को कचरे के पुन: उपयोग, पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की पूरी जानकारी दी जाएगी।

इस योजना के जरिए बच्चों में अच्छी आदतें विकसित कर उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनाया जा रहा है।

शिक्षा विभाग के निर्देश

सर्वोच्च न्यायालय की सशक्त मानिटरिंग समिति के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को दैनिक गतिविधियों में शामिल करने का फैसला लिया है।

एससीईआरटी निदेशक की ओर से इस संबंध में राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को स्पष्ट दिशानिर्देश भेजे गए हैं। विद्यालयों में बच्चों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए एक समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

डीईओ का सख्त आदेश

सीतामढ़ी के डीईओ राघवेंद्र मणि त्रिपाठी ने सभी प्रधानाध्यापकों को इन निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

उन्होंने बताया कि बच्चों को स्वच्छता का महत्व समझाने के लिए स्कूलों में नियमित रूप से विभिन्न गतिविधियां आयोजित होंगी। प्रशिक्षित विद्यार्थी अपने घर, परिवार और पड़ोस के लोगों को भी कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करेंगे।

जागरूकता के विशेष कार्यक्रम

अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों के जरिए पूरे समुदाय के व्यवहार में स्वच्छता को लेकर सकारात्मक बदलाव लाना है। बच्चों को केवल सैद्धांतिक जानकारी देने तक सीमित न रखकर प्रभातफेरी, जागरूकता रैली, निबंध, वाद-विवाद प्रतियोगिता और दीवार लेखन से जोड़ा जाएगा।

इसके अलावा स्वच्छता पखवाड़ा, विश्व पर्यावरण दिवस और 'स्वच्छता ही सेवा' जैसे अवसरों पर विशेष आयोजन किए जाएंगे।

उत्कृष्ट स्कूल होंगे सम्मानित

अभियान की सतत निगरानी और समीक्षा के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी स्तर पर एक विशेष सेल का गठन किया जाएगा। विद्यालयों में संचालित होने वाली सभी गतिविधियों का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा।

स्वच्छता और कचरा प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों का चयन कर उन्हें जिला और राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा।