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सीतामढ़ी के गांव से निकली कल्याणी ने राष्ट्रीय कुराश चैंपियनशिप में जीता गोल्ड

Published: Sun, 06 Sep 2026 05:50 PM (GMT+05:30)

Bihar Sports News: सीतामढ़ी की कल्याणी ने लुधियाना में आयोजित दसवीं जूनियर राष्ट्रीय कुराश चैंपियनशिप 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर ...और पढ़ें

मेडल के साथ कल्याणी। फोटो सौ. स्वयं

मेडल के साथ कल्याणी। फोटो सौ. स्वयं

HighLights

  1. कल्याणी ने लुधियाना में राष्ट्रीय कुराश चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।

  2. सीतामढ़ी की बेटी ने सीमित संसाधनों के बावजूद बिहार को गौरवान्वित किया।

  3. कोच विकास कुमार के मार्गदर्शन में कल्याणी ने यह ऐतिहासिक जीत हासिल की।

जागरण संवाददाता, सीतामढ़ी। Sitamarhi Kalyani Kurash: हौसले बुलंद हों और इरादों में जान हो तो गांव की पगडंडियों से निकलकर भी आसमान नापा जा सकता है।

सीतामढ़ी की माटी से निकली ऐसी ही एक होनहार बेटी कल्याणी ने अपने अदम्य साहस और पसीने के दम पर राष्ट्रीय पटल पर स्वर्णिम इतिहास रच दिया है।

पंजाब के लुधियाना में आयोजित दसवीं जूनियर राष्ट्रीय कुराश चैंपियनशिप 2026 में बिहार की इस धाकड़ खिलाड़ी ने सोने पर सटीक दांव लगाकर प्रदेश का नाम रोशन किया है।

अखाड़े में दिखाया दम

लुधियाना में चार से छह सितंबर तक आयोजित इस राष्ट्रीय स्पर्धा में कल्याणी ने अपने हर मुकाबले में गजब की फुर्ती और तकनीक का मुजाहिरा किया।

मैट पर उतरते ही उनका आत्मविश्वास विरोधी खिलाड़ियों के दांव-पेच पर भारी पड़ता नजर आया। रोमांचक फाइनल मुकाबले में अपनी प्रतिद्वंद्वी को चारों खाने चित कर कल्याणी ने स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाल लिया।

गांव की मिट्टी से उड़ान

कल्याणी डुमरा प्रखंड के सुदूर विश्वनाथपुर गांव निवासी किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। वे रामनरेश यादव की पौत्री और शत्रुघ्न यादव की सुपुत्री हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद कभी सपनों का दायरा छोटा नहीं होने दिया।

ग्रामीण परिवेश की बंदिशों को चीरकर राष्ट्रीय मंच तक का यह सफर उनकी कड़ी तपस्या और अटूट लगन की जीवंत मिसाल बन चुका है।

कोच का सटीक मार्गदर्शन

कल्याणी की इस स्वर्णिम छलांग के पीछे उनके कोच विकास कुमार का कड़ा अनुशासन और रणनीतिक प्रशिक्षण सबसे मजबूत आधार रहा है।

सुबह और शाम के थका देने वाले सत्रों में नियमित अभ्यास और खेल की बारीकियों को तराशने में कोच ने अहम भूमिका निभाई। कोच के दिशा-निर्देशों पर अमल करते हुए कल्याणी ने राष्ट्रीय फलक पर अपनी तकनीक का लोहा मनवाया।

खेल जगत में उत्साह

स्वर्ण पदक जीतने की खबर जैसे ही सीतामढ़ी पहुंची, जिले के खेलप्रेमियों और ग्रामीणों के बीच जश्न का माहौल बन गया।

सीतामढ़ी जिला भारोत्तोलन संघ के संरक्षक प्रो राजकुमार गुप्ता, अध्यक्ष अतुल कुमार और सचिव सतीश कुमार सहित कई खेल संघों ने उन्हें बधाई दी। इसके साथ ही खो-खो संघ, फुटबॉल संघ के पदाधिकारियों और स्थानीय युवाओं ने बेटी की ऐतिहासिक सफलता पर मिठाइयां बांटीं।

बेटियों के लिए नई प्रेरणा

कल्याणी की यह जीत सिर्फ एक पदक भर नहीं है, बल्कि मिथिलांचल और बिहार के सुदूर देहात की उन तमाम बेटियों के लिए एक नया हौसला है जो बंदिशों से निकलकर आगे बढ़ना चाहती हैं।

खेल जानकारों का कहना है कि सही मार्गदर्शन, अटूट निष्ठा और निरंतर अभ्यास मिले तो संसाधनों का अभाव कभी प्रतिभा की राह में रोड़ा नहीं बन सकता।

कल्याणी ने यह साबित कर दिया है कि अखाड़ा चाहे कोई भी हो, अगर हौसला अडिग है तो जीत तय है।