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नेपाल से चुपके भारत में घुसा सूडानी नागरिक, सीतामढ़ी कोर्ट का आया रोचक फैसला

Published: Fri, 14 Aug 2026 01:56 PM (IST)

सीतामढ़ी कोर्ट ने बिना वैध वीजा नेपाल से भारत में प्रवेश करने वाले सूडानी नागरिक को लगभग तीन साल की ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. सूडानी नागरिक को बिना वीजा भारत में प्रवेश पर सजा मिली।

  2. सीतामढ़ी कोर्ट ने लगभग तीन साल की कारावास और जुर्माना सुनाया।

  3. सजा पूरी होने के बाद उसे उसके देश सूडान भेजा जाएगा।

संवाद सहयोगी, सीतामढ़ी। भारत-नेपाल सीमा पार कर बिना वीजा भारत में प्रवेश करना एक सूडानी नागरिक को महंगा पड़ गया। सोनबरसा के पास बिना वैध वीजा के भारत में दाखिल होने के मामले में न्यायालय ने उसे दो साल 10 माह 23 दिन के कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर उसे सात दिन अतिरिक्त जेल में रहना होगा। सजा पूरी होने के बाद उसे उसके देश भेज दिया जाएगा।

सीमा के पास पकड़ा गया था

न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी अंशु कुमारी ने मामले की सुनवाई के बाद 48 वर्षीय सूडानी नागरिक नस्सिर बुराई मूसा अब्बास को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। सितंबर 2023 में भारत-नेपाल सीमा पर सोनबरसा के पास उसे पकड़ा गया था।

भारत का वीजा नहीं मिला

अभियोजन पक्ष के अनुसार, सीमा स्तंभ संख्या 323/13 से करीब 100 मीटर भारत की ओर सूडानी नागरिक पकड़ा गया था। तलाशी के दौरान उसके पास सूडान का पासपोर्ट मिला, लेकिन भारत का वीजा नहीं था। उसके पास यूएसए का ट्रैवल डॉक्यूमेंट और सैमसंग कंपनी का मोबाइल भी मिला था।

सूडान में गृहयुद्ध का दिया था हवाला

पूछताछ के दौरान उसने बताया था कि सूडान में गृहयुद्ध की स्थिति के कारण वह रिफ्यूजी के रूप में अलग-अलग देशों में रहा। उसने बताया कि सूडान से निकलने के बाद वह केन्या और यूएई में रहा था। इसके बाद मई 2023 से नेपाल में रह रहा था।

अधिकांश सजा जेल में काट चुका

सरकार की ओर से अभियोजन पदाधिकारी मनु सक्सेना और नीमिषा चौरसिया ने न्यायालय के समक्ष पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि आरोपी अपनी सजा की अधिकांश अवधि पहले ही जेल में गुजार चुका है। न्यायालय ने उसे दो साल 10 माह 23 दिन की सजा सुनाई है।

सजा पूरी होते ही भेजा जाएगा देश

अभियोजन पक्ष के अनुसार, सजा की अवधि पूरी होने के बाद सूडानी नागरिक को उसके देश भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बिना वीजा सीमा पार करने के मामले में न्यायालय के फैसले के बाद संबंधित एजेंसियां आगे की प्रक्रिया करेंगी।