रेलवे का तोहफा: बिहार के 6 जिलों से गुजरेगा दिल्ली-गुवाहाटी मल्टी-ट्रैक कॉरिडोर, बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार
दिल्ली-गुवाहाटी रेल कॉरिडोर मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना में सीतामढ़ी समेत बिहार के छह जिले शामिल किए गए हैं।
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एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
दिल्ली-गुवाहाटी मल्टी-ट्रैकिंग में सीतामढ़ी समेत छह जिले शामिल।
उत्तर बिहार में रेल संपर्क, परिचालन क्षमता होगी मजबूत।
यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ, व्यापार, रोजगार के अवसर।
संवाद सहयोगी, सीतामढ़ी। दिल्ली-गुवाहाटी रेल कॉरिडोर को मल्टी-ट्रैक करने की योजना में जिले समेत सूबे के छह जिलों को शामिल किया गया है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना से सीतामढ़ी सहित पूरे उत्तर बिहार में रेल संपर्क और परिचालन क्षमता को मजबूती मिलेगी। इसके लिए स्थानीय सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार जताया है।
सांसद ने कहा कि परियोजना की जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री की ओर से दिए जाने के बाद भाजपा नेताओं ने भी इसका स्वागत किया है।
सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि दिल्ली–गुवाहाटी मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना में बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, दरभंगा, सुपौल और अररिया जिले शामिल हैं।
प्रस्तावित रेल क्षमता विस्तार में नरकटियागंज, रक्सौल, सीतामढ़ी, दरभंगा और सरायगढ़ जैसे महत्वपूर्ण रेल मार्गों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त रेल ट्रैक बिछने से व्यस्त रेलखंडों पर ट्रेनों के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी तथा रेल परिचालन अधिक सुगम होगा।
उन्होंने कहा कि रेल क्षमता बढ़ने से आने वाले समय में इन मार्गों पर अधिक ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
सीतामढ़ी के लोगों को मिलेगी सुविधाएं
इससे सीतामढ़ी के लोगों को बेहतर यात्री सुविधाएं मिलने के साथ देश के प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
दिल्ली से पूर्वोत्तर भारत तक रेल संपर्क होगा मजबूत- भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य विशाल कुमार ने परियोजना का स्वागत करते हुए कहा कि दिल्ली से पूर्वोत्तर भारत तक रेल संपर्क को मजबूत करने वाली यह योजना सीतामढ़ी और उत्तर बिहार के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बेहतर रेल कनेक्टिविटी से यात्रियों के साथ व्यापार, माल परिवहन और रोजगार के अवसरों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर बिहार के रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे कार्यों का आने वाले समय में सीतामढ़ी को बड़ा लाभ मिलेगा।
कहा कि यह परियोजना केवल रेल लाइन की क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सीतामढ़ी सहित पूरे उत्तर बिहार के विकास और आर्थिक प्रगति को गति देने वाली साबित होगी।
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