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राष्ट्रीय एकता दिवस: अखंडता का संदेश लेकर सीतामढ़ी से 51 सदस्यीय जत्था गुजरात रवाना

Published: Thu, 29 Oct 2026 02:01 PM (IST)

Bihar news updates: सीतामढ़ी से 51 सदस्यीय जत्था राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भाग लेने गुजरात के एकता नगर रवाना ...और पढ़ें

जिला कल्याण पदाधिकारी सुभाष चंद्र राजकुमार ने समाहरणालय परिसर से बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

जिला कल्याण पदाधिकारी सुभाष चंद्र राजकुमार ने समाहरणालय परिसर से बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

HighLights

  1. सीतामढ़ी से 51 सदस्यीय जत्था गुजरात के एकता नगर रवाना।

  2. सरदार पटेल जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भागीदारी।

  3. केवड़िया को इको-फ्रेंडली पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा।

जागरण संवाददाता, सीतामढ़ी। Rashtriya Ekta Diwas: गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आगामी 31 अक्टूबर को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भाग लेने के लिए सीतामढ़ी का विशेष 51 सदस्यीय जत्था बुधवार को रवाना हुआ।

जिला कल्याण पदाधिकारी सुभाष चंद्र राजकुमार ने समाहरणालय परिसर से बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

पटेल जयंती पर मुख्य कार्यक्रम

यह जत्था लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय स्तर के भव्य समारोह में भाग लेगा।

एकता नगर में 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में मुख्य कार्यक्रम होगा, जहां वे सरदार पटेल की प्रतिमा स्टैचू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।

मार्च-पास्ट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों का संयुक्त मार्च-पास्ट आयोजित किया जाएगा।

इसके अलावा समारोह में पहुंचे कलाकार एवं ग्रामीण अपनी लोक संस्कृति, परंपराओं और विकास की गाथा को प्रस्तुत करेंगे, जो देश की विविधता में एकता को प्रदर्शित करेगा।

राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति का संदेश

इस अवसर पर जिला कल्याण पदाधिकारी ने कहा कि यह जत्था राष्ट्रीय एकता, अखंडता और देशभक्ति का संदेश लेकर गुजरात रवाना हुआ है।

इस दल में कलाकारों के साथ-साथ युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है, जो बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे।

केवड़िया में इको फ्रेंडली पहल

बताया गया कि गुजरात सरकार केवड़िया को पूरी तरह से इको-फ्रेंडली टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित कर रही है।

आगामी 31 अक्टूबर के बाद से वहां पेट्रोल-डीजल वाहनों के परिचालन पर रोक रहेगी। पर्यटकों की सुविधा के लिए अब केवल ई-बसें चलाई जाएंगी और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है।