सीतामढ़ी। उन्मादी भीड़ द्वारा पीट-पीट कर युवक की हत्या मामले में पुलिस द्वारा चार दिनों बाद भी हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं किए जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने बुधवार की सुबह सीतामढ़ी-सोनबरसा एनएच 77 को ¨सगरहिया चौक के समीप जाम कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। जाम की सूचना पर पहुंचे सहियारा थानाध्यक्ष संजीव कुमार ने लोगों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। आक्रोशित ग्रामीण एसपी को बुलाने व हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। बाद में सदर डीएसपी डॉ. कुमार वीर धीरेंद्र, बथनाहा थानाध्यक्ष प्रभात रंजन सक्सेना पुलिस बल के साथ पहुंचे और 24 घंटे में हत्यारों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया। करीब दो घंटे तक जाम से दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। इस कारण यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

बताते चलें कि 9 सितंबर को ¨सगरहिया गांव निवासी 21 वर्षीय युवक रूपेश कुमार झा अपने दो ग्रामीण साथियों के साथ बाइक से अपनी दादी की बरसी का सामान खरीदने सीतामढ़ी जा रहा था। इस दौरान रीगा थाना क्षेत्र के रमनगरा गांव के समीप पिकअप वैन को ओवरटेक करने के दौरान चालक से विवाद हो गया। पिकअप चालक बथनाहा थाना क्षेत्र के धर्मपुर गांव निवासी प्रमोद पासवान गाड़ी लूटने की अफवाह कर शोर मचाने लगा। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों की भीड़ ने रुपेश को पकड़कर बेरहमी से पिटाई कर दी। उसकी एक आंख भी फोड़ डाली। अधमरा अवस्था में रीगा पुलिस ने उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे पीएमसीएच पटना भेज दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। घटना की बाबत रीगा थाने में भवदेपुर के चौकीदार जितेंद्र कुमार ¨सह के आवेदन पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई। इसमें पिकअप वैन चालक प्रमोद पासवान के अलावा रमनगरा गांव के 150 ग्रामीणों को आरोपित किया गया है। लेकिन, पुलिस अब तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

Posted By: Jagran