सीतामढ़ी में 520 बेड वाले आवासीय बालिका विद्यालय का निर्माण ठप, सिर्फ 'नींव' पर खर्च हुए 11 करोड़
सीतामढ़ी के मेजरगंज में बन रहे पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू उच्च विद्यालय का निर्माण कार्य भूमि विवाद के ...और पढ़ें

HighLights
सीतामढ़ी आवासीय विद्यालय का निर्माण कार्य रुका।
नींव पर 11 करोड़ रुपये से अधिक खर्च।
भूमि विवाद मामला हाईकोर्ट में लंबित।
दीपक कुमार, सीतामढ़ी। जिले में पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू उच्च विद्यालय के भवन निर्माण को लेकर गंभीर स्थिति बनी हुई है। योजना पर प्रशासनिक और तकनीकी संकट मंडराने लगा है। मेजरगंज प्रखंड के कुआरी मदन में करीब 64 करोड़ रुपये की लागत से इस आवासीय विद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है।
पांच एकड़ भूमि पर 520 बेड क्षमता वाले इस भवन का निर्माण कार्य फिलहाल प्लिंथ तक ही पहुंचा है। केवल फाउंडेशन (नींव) के काम पर में ही 11 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च हो चुकी है। इसके बाद निर्माण कार्य पर सवाल खड़े होने लगे हैं। यह भवन ग्राउंड फ्लोर के अलावा तीन मंजिला (जी-3) बनाया जाना है।
भवन के बन जाने के बाद इसमें अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ बीसी-वन और बीसी-टू कोटि की कक्षा 6 से 12वीं तक की बालिकाओं के लिए आवासीय पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध होगी।
मामला हाई कोर्ट में लंबित
इतनी बड़ी राशि सिर्फ नींव में खर्च होने के बाद अब परियोजना के भविष्य को लेकर विभागीय स्तर पर भी चिंता बढ़ गई है। अब यह मामला हाई कोर्ट में लंबित है। हालांकि विभाग को उम्मीद है कि कोर्ट का फैसला विभाग के हित में शीघ्र ही होगा और कोर्ट के फैसले के बाद फिर से निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
भवन के अभाव में सीतामढ़ी का यह आवासीय विद्यालय पश्चिम चंपारण के धमौरा में संचालित हो रहा था, जिसे अब स्थानांतरित कर सहरसा में संचालित किया जा रहा है।
भूमि विवाद का मामला पहुंचा कोर्ट में
वर्ष 2023 में स्वीकृत इस विद्यालय को पहले पश्चिमी चंपारण के धमौरा स्थित आवासीय बालिका विद्यालय में संचालित किया गया था। इसके बाद विभागीय निर्देश पर 16 जून 2025 से इसे सहरसा स्थित विद्यालय में शिफ्ट कर अस्थायी रूप से चलाया जा रहा है।
विद्यालय के स्थायी भवन के लिए मेजरगंज प्रखंड के कुआरी मदन में पांच एकड़ जमीन चिन्हित की गई। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ। इस बड़े प्रोजेक्ट की प्रारंभिक निविदा राशि लगभग 52.52 करोड़ रुपये थी, जो तकनीकी सुधार के बाद बढ़ाकर करीब 64 करोड़ रुपये कर दी गई।
विवाद को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंचा
निर्माण कार्य शुरू हुआ और नींव का काम चल ही रहा था कि जमीन संबंधी विवाद को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू होते ही निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई। तब से भवन का निर्माण ठप पड़ा है।
तकनीकी और ढांचागत अड़चनों के कारण मुख्य भवन का ढांचा खड़ा करने का काम अधर में लटका हुआ है, जबकि केवल फाउंडेशन पर ही 11 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार
विभागीय अधिकारियों के अनुसार चयनित भूमि पर नींव का कार्य पूर्ण हो चुका है। जमीन से जुड़ा विवाद फिलहाल हाईकोर्ट में लंबित है। अधिकारियों का कहना है कि हाईकोर्ट से फैसला आने के बाद ही निर्माण कार्य फिर से शुरू हो सकेगा।
अधिकारियों को उम्मीद है कि सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही जिले को इस आवासीय बालिका विद्यालय भवन की सौगात मिल जाएगी।फिलहाल यह आवासीय विद्यालय सहरसा में अस्थायी रूप से संचालित हो रहा है। इसकी निगरानी और समय-समय पर निरीक्षण के लिए सीतामढ़ी से अधिकारियों की टीम सहरसा जाती है।
मेजरगंज के कुआरी मदन में चयनित भूमि पर आवासीय विद्यालय का भवन निर्माण प्रक्रियाधीन है। नींव तक का कार्य पूर्ण हो चुका है। इस पर अब तक 11 करोड़ की राशि खर्च हो चुकी है। हाईकोर्ट में मामला लंबित है। हाईकोर्ट का फैसला आने बाद फिर से निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। -मधुकर कुमार मिश्र, पिछड़ा वर्ग कल्याण पदाधिकारी, सीतामढ़ी
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