सीतामढ़ी । सीतामढ़ी-मधुबनी बॉर्डर पर धौंस नदी के तटबंध की पाइलिंग बह गई। जिससे एक बार फिर क्षेत्र में बाढ़ का पानी फैलने लगा है।

विगत चार जुलाई को मधुबनी जिला के मधवापुर प्रखंड के अंदौली गांव के समीप तटबंध टूट गया था। जिसकी मरम्मत का कार्य चल रहा था। इसी दौरान पाइलिंग बह जाने के कारण चोरौत दूसरी बार बाढ़ की चपेट में आ गया है। सभी पंचायतों में बाढ़ का पानी फैल गया है। जनजीवन अस्त-व्यस्त है। इसी माह के प्रथम सप्ताह आई बाढ़ से लोग अब तक उबर नहीं पाए थे। पुन: आखिरी सप्ताह में आई बाढ़ ने जीना मुहाल कर दिया है। अंदौली गांव के लोगों ने बताया कि तटबंध मरम्मत प्रारंभ होने के समय ही मरम्मत स्थल पर उपस्थित जिला बाढ़ नियंत्रण विभाग झंझारपुर के कनीय अभियंता को कार्य सही ढंग से नहीं होने की शिकायत की गई थी। उन्होंने आश्वस्त किया था कि यह तटबंध अब नहीं टूट सकता। इस तरह से नदी की धारा भी मुड़ सकती है। मगर, हुआ वहीं जिसका अंदेशा सबको था। नदी की धारा तो नहीं मुड़ी उसी जगह पाइलिंग बह गई। बाढ़ का पानी फैलने से चोरौत पूर्वी एवं बररी बेहटा पंचायत के साथ ही दर्जनों गांव बुरी तरह प्रभावित है। रातो नदी की बाढ़ से यदुपट्टी, परिगामा, व भंटाबारी पंचायत का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से कट गया है। वहीं प्रखंड मुख्यालय के साथ ही सभी पंचायतों का अनुमंडल व जिला मुख्यालय से भी संपर्क भंग होने की स्थिति में है। चोरौत- भिट्टामोड़ एनएच 104 में चंद्रसैना डायवर्सन पर लगभग पांच फीट पानी बह रहा है। महीनों से आवागमन पूर्णत: बंद है। किसान देवेंद्र नाथ ठाकुर, नवाब राइन, दिलीप चौधरी, सौखी मुखिया, प्रभात कुमार सहित अन्य बताया कि बेमौसम बारिश के कारण ससमय एवं समुचित ढंग से धान का बिचड़ा नहीं गिरा पाया था। जिसके कारण पहले ही बिचड़ा की कमी थी। वही इसी माह के प्रथम सप्ताह में आई बाढ़ ने समाप्त कर दिया। मधुबनी जिला के मधवापुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत अंदौली गांव में टूटे तटबंध की मरम्मत होते देख एवं नदी के जलस्तर में कमी होने के कारण सरेह से भी पानी कम होने के कारण बिचड़ा खरीद कर रोपनी कराई थी। लेकिन, नदी के जलस्तर में वृद्धि होने के साथ तटबंध की मरम्मत पूरा होने से पूर्व ही पाइलिंग बह जाने के कारण सरेह में पानी फैल गया है। जिसके कारण खेत में धान बर्बाद हो गया है।