यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 28, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
स्नातक पार्ट वन प्रायोगिक परीक्षा में अवैध वसूली से भड़के परीक्षार्थी
डुमरा स्थित रामसेवक सिंह महिला कॉलेज में स्नातक पार्ट वन की प्रायोगिक परीक्षा में परीक्षार्थियों से अवैध वसूली की जा रही है।

सीतामढ़ी। डुमरा स्थित रामसेवक सिंह महिला कॉलेज में स्नातक पार्ट वन की प्रायोगिक परीक्षा में परीक्षार्थियों से अवैध वसूली की जा रही है। शिकायत पर कॉलेज छात्र संघ की कोषाध्यक्ष भारती कुमारी व सुषमा कुमारी परीक्षार्थियों से मिल कर की गई वसूली की जानकारी ली। जहां प्रति परीक्षार्थी सौ रुपये की अवैध वसूली की बात सामने आई। बताया कि प्राचार्य डॉ.जयनारायण प्रसाद के आदेशानुसार प्रायोगिक परीक्षा में शामिल होने वाली छात्राओं से सौ रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। साथ ही कॉलेज की ओर से इसका रसीद भी दिया जा रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर इकाई के विभाग संयोजक हिमांशु झा ने तुरंत इसकी जानकारी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ.एके राव को मोबाइल से दी। रजिस्ट्रार ने बताया कि विश्वविद्यालय से इस प्रकार का कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है। इस प्रकार की कोई भी वसूली अवैध है। इस संबंध में प्राचार्य ने कहा कि यह पैसा कॉलेज के विकास के लिए कर्मियों के सहयोग से लिया जा रहा है। उन्होंने इस वसूली को बंद कराने का आश्वासन दिया। कॉलेज छात्र संघ कोषाध्यक्ष भारती ने बताया कि गत वर्ष भी प्रायोगिक परीक्षा में 300 रुपये प्रति छात्रा अवैध वसूली की गई थी। विरोध के बाद इसे बंद कराया गया था। इस वर्ष भी अवैध वसूली जारी है। कॉलेज में भ्रष्टाचार चरम पर है। एडमिट कार्ड लेने के लिए भी प्रति छात्रा 20 रुपये देना पड़ता है। इसका छात्र संघ व विद्यार्थी परिषद पुरजोर विरोध करती है। विश्वविद्यालय द्वारा छात्राओं के हो रहे आर्थिक शोषण पर शीघ्र रोक नहीं लगाई गई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
