सीतामढ़ी। रमजान का महीना जारी है। अलविदा की नमाज के साथ ही ईद की तैयारियां भी शुरू हो गई है। ऐसे में नन्हें रोजेदारों में उत्साह चरम पर है। नन्हें रोजेदार गुलामे शहंशाह कौशर बताते हैं कि अलविदा के नमाज के बाद ईद की तैयारी की जा रही है। अल्लाह से दुआ करते हैं। मो. नैय्यर आजम ने कहा कि रमजान में नेकी करते हुए अपने आस पड़ोस के लोगों व गरीबों की सेवा करनी चाहिए। सेवा करने से अल्लाह खुश रहते हैं।

मुस्तफा ने कहा कि रमजान के दौरान रोजेदारों को बुरी सोहबतों से दूर रहना चाहिए। रमजान नेकी का महीना होता है। मो. हुसैन बताते हैं कि रमजान बरकत वाला महीना है। इसमें अल्लाह से दुआ करनी चाहिए। मो. निजामुद्दीन कहते हैं कि रमजानुल मुबारक के महीने की हर घड़ी इबादत ही इबादत है। यह वह बरकत वाला महीना है जिसमें दिन हो या रात हर वक्त इबादत होती है। रोजा, इबादत, इफ्तार,नमाज ए तरावीह, तरावीह पढ़कर सोना ये सभी भी इबादत है। रमजान शरीफ के लिए पूरे साल स्वर्ग को सजाया जाता है और आसमानों के दरवाजे खोल दिए जाते हैं।

हमारें प्यारे नबी फरमाते हैं कि रमजान शरीफ की बरकत से पिछले तमाम गुनाह माफ कर दिए जाते हैं। निज कयामत में रमजान और कुरान रोजेदारों की शफाअत करेंगे। जो शख्स इमाने अखलास से रमजान के रोजे रखे, अल्लाह ताला उसके पिछले तमाम गुनाह बख्श देता है।

Posted By: Jagran

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