सीतामढ़ी। नानपुर प्रखंड के उत्तरी छोर पर अवस्थित भदियन गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। हालांकि, हाल के दिनों में आम लोगों के जीवन में बदलाव तो जरूर आया है। लेकिन, मूलभूत सुविधाओं से लोग कोसों दूर हैं। दैनिक जागरण के गांव की पाती अभियान के तहत भदियन गांव में चौपाल का आयोजन किया गया। इसमें शामिल ग्रामीणों ने बताया कि यहां सड़क है, लेकिन इतनी जर्जर कि आवागमन में भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। पंचायत में दो सरकारी नलकूप है पर यह केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गया है। इससे किसानों को कोई सुविधा नहीं मिल रही है।

ग्रामीण राकेश दास ने कहा कि पंचायत में दो साल पूर्व सरकार द्वारा आम लोगों को स्वच्छ जल मुहैया कराने के लिए लाखों की लागत से पानी टंकी का निर्माण कराया गया। इससे पंचायत के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। लेकिन, यह खुशी ज्यादा दिन नहीं रही। इस पानी टंकी से अब तक एक बूंद पानी भी लोगों को नहीं मिला। ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत में पूर्व में नाला का निर्माण हुआ था। लेकिन, रख-रखाव व सफाई नहीं होने के कारण यह नाला पूरी तरह बंद हो गया है। इससे महामारी की आशंका बनी रहती है। प्रशासन द्वारा पूरे प्रखंड को ओडीएफ घोषित कर दिया गया। लोग अपने घरों में शौचालय का निर्माण भी कराए, लेकिन शौचालय अनुदान की राशि नहीं मिल पाई है। लोगों में व्यवहार परिवर्तन नहीं होने के कारण लोग अब भी शौचालय को छोड़ बाहर खुले में शौच कर रहे हैं ।

वहीं, पंचायत में संचालित सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों का हाल बेहाल है। सभी केंद्र किराए या निजी दरवाजे पर चल रहे हैं। किसी के पास अपना भवन नहीं है। वृद्ध रामवृक्ष दास ने बताया कि पिछले लगभग चार साल से सरकार द्वारा मिलने वाली विभिन्न पेंशन योजना की राशि का भुगतान लोगों को नहीं हो सका है। गरीब-कमजोर लोग पेंशन की आस में पंचायत कार्यालय से लेकर प्रखंड कार्यालय का चक्कर काट काट कर थक चुके हैं। जबकि, कई पेंशन की आस में स्वर्ग सिधार गए। ग्रामीण वृक्षी दास ने कहा कि उनकी पत्नी को वृद्धावस्था पेंशन दिलाने के नाम पर पंचायत सेवक द्वारा 700 रुपये ले लिया गया, लेकिन अभी तक पेंशन नहीं मिली। रामबाबू राय ने कहा कि पंचायत में आजतक लगातार जनप्रतिनिधि बदलते गए, लेकिन पंचायत का विकास जिस तरह होना चाहिए उस तरह से हुआ नहीं। इसके विपरीत जनप्रतिनिधियों का विकास हो गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जा रहे मकान में बड़े पैमाने पर लूटखसोट की गई है। ग्रामीण प्रह्लाद राय ने कहा कि पंचायत में सड़कें काफी जर्जर हैं। वहीं पंचायत में शांति वन के पास एक छोटा सा टोला बसा हुआ है, जहां बिजली, सड़क, पानी की मूल समस्या है। पंचायत में पीने को पानी की गंभीर समस्या है। उपेन्द्र मंडल ने कहा कि गांव के सभी वार्डों में नाली नहीं होने के कारण गंदगी फैली है। अविलंब सभी जगहों पर नाली का निर्माण कर पानी के बहाव की उचित व्यवस्था की जाएगी तभी गंदगी दूर होगी। चौपाल में ग्रामीण राकेश दास, पप्पू कुमार, राकेश बिहारी, श्यामचंद्र राय,संजय कुमार समेत कई बुजुर्ग व युवा शामिल थे।

बोले ग्रामीण ::

प्रशांत कुमार: भदियन पंचायत जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण पिछड़ा हुआ है। इस गांव में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। हालांकि, पंचायत के मुखिया द्वारा मनरेगा, सात निश्चय व अन्य योजनाओं से कार्य कराया जा रहा है।

पप्पू कुमार : पंचायत में पूर्व में नाला का निर्माण हुआ, परंतु इसका रखरखाव व सफाई नहीं होने के कारण यह नाला पूरी तरह बंद हो गया है। इससे जल जमाव और गंदगी का सम्राज्य कायम है। बयान :::

भदियन गांव व पंचायत में पूर्व से मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव था। अपने प्रयास से पंचायत का सर्वांगीण विकास करा रही हूं। इसमें सफलता भी मिली है। मनरेगा के तहत सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। सात निश्चय योजना के तहत भी सभी वार्ड में कार्य शुरू किया गया है। सामाजिक सछ्वाव और पंचायत के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित हूं।

--- अर्पणा कुमारी

मुखिया।

Posted By: Jagran