सीतामढ़ी। राज्य खाद्य निगम के बाजार समिति स्थित गोदाम के एजीएम की गर्दन फंस गई है। डीएम के निरीक्षण में गोदाम में व्यापक अनियमितताएं सामने आई है। एक तो गोदाम में क्षमता से अधिक अनाज पाया गया, दूसरा निरीक्षण के दौरान एजीएम गायब पाए गए। डीएम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गोदाम को तत्काल प्रभाव से बाजार समिति से डुमरा स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। वहीं गायब एजीएम को तलब करते हुए उनके एक दिन के वेतन काटने का भी आदेश दिया है। बताते चलें कि एसएफसी में व्याप्त अनियमितता व सरकारी अनाज की कालाबाजारी की मिली सूचना पर मंगलवार को डीएम डॉ. रणजीत कुमार ¨सह ने एसडीओ सदर सत्येंद्र प्रसाद के साथ बाजार समिति स्थित एसएफसी के गोदाम का औचक निरीक्षण। इस दौरान कई अनियमितता पाई गई। लिहाजा डीएम ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए एक दिन के वेतन की कटौती का आदेश दिया। गोदाम में क्षमता से अधिक अनाज देख कर डीएम भड़क गए। डीएम का गुस्सा तब और अधिक बढ़ गया जब ट्रक चालकों ने पूछताछ में दो दिनों से 10 ट्रकों के गोदाम के बाहर खड़े रहने की जानकारी दी। वहीं गोदाम के स्टॉक में भी भारी गड़बड़ी की आशंका को देख जांच कराने का आदेश दिया। डीएम ने कहा कि गड़बड़ी की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गरीबों के हक का निवाला डकारने वाले अधिकारी हो या माफिया नहीं बख्शे जाएंगे। बताते चलें कि जिले में अनाज माफियाओं का सक्रिय रैकेट हर माह गरीबों के हक का अनाज कालाबाजार में बेच देते हैं। सरकारी अनाज के काले धंधे को सत्ताधारी दल व विपक्षी दल के नेताओं का समर्थन प्राप्त है। जो हर बार पकड़े जाने पर अपनी पहुंच के बल पर कार्रवाई से बच जाते हैं। इस धंधे में एसएफसी की भी संलिप्तता रही है। अब तक नौ एजीएम, एक आइटी मैनेजर, एक लेखा पदाधिकारी, दर्जन भर कर्मी व संवेदकों के खिलाफ मामला थाने व कोर्ट में है।

Posted By: Jagran