सीतामढ़ी। सोनबरसा प्रखंड अंतर्गत मधेसरा पंचायत के फतहपुर में प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र भवन चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी के अभाव में दम तोड़ रहा है। पंचायत के लोगों को भवन निर्माण के बाद बेहतर स्वास्थ सुविधा की उम्मीद जगी थी। लेकिन सभी उम्मीदों पर पानी फिर गया। लाखों की लागत से बना भवन जर्जर होने के कगार पर है। आज भी ग्रामीण वर्षों पूर्व तैयार स्वास्थ्य उप केंद्र में चिकित्सा सुविधा शुरू होने के इंतजार में है। भवन की स्थिति बदहाल होती जा रही है। अब तक एक भी एएनएम और चिकित्सा कर्मी की नियुक्ति नहीं हुई। भवन की सभी खिड़कियां, दरवाजा एवं अन्य उपस्कर टूटकर बर्बाद हो रहा है। अबतक इसका उद्घाटन भी नहीं हो सका। स्वास्थ्य उप केंद्रों में अब तक न तो किसी डाक्टर और न किसी एएनएम की तैनाती की गई। एमएसडीपी योजनान्तर्गत इस स्वास्थ्य उप केंद्र का निर्माण 2015 में भवन प्रमंडल विभाग, सीतामढ़ी द्वारा 11वीं पंचवर्षीय योजना से यह निर्माण कराया गया था। भवन के निर्माण में 17 लाख तीन हजार 285 रुपये की लागत आई। सामाजिक कार्यकर्ता कमर अख्तर ने कहा कि कोरोना काल में उप स्वास्थ्य केंद्र के बदले विद्यालय में बेड की व्यवस्था की गई। उप स्वास्थ्य केंद्र होते हुए कोविड वेक्सीन कैंप विद्यालय में लगाया जाता है। उन्होंने कई बार वरीय पदाधिकारी तक गुहार लगाई बावजूद इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई। सेवानिवृत्त शिक्षक गगनदेव राउत ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र निर्माण होता देख एक उम्मीद जगी थी कि गरीब, पीड़ित एवं आमजनों को ईलाज के लिए बाहर नहीं जाना पडे़गा, गांव में ही प्राथमिक उपचार हो जाएगा। लेकिन उम्मीद पर पानी फिर गया। वहीं महेंद्र साह, परीछन साह, तेज नरायण राउत, हसीब खान, नसीम अहमद खान, रफीक आदि ने स्वास्थ्य केंद्र संचालित नहीं होने पर दु:ख प्रकट किया। उनलोगों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता से केंद्र अब तक संचालित नहीं हो पाया है।

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