KCC Loan : सीतामढ़ी में किसानों को मिली बड़ी राहत, बैंक ने राइट ऑफ किया 40 करोड़ का ऋण
सीतामढ़ी के रीगा क्षेत्र के लगभग चार हजार गन्ना किसानों को बैंक ऑफ इंडिया ने 14 साल पुराने 40 करोड़ ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
रीगा के 4000 गन्ना किसानों का ऋण माफ।
बैंक ऑफ इंडिया ने 40 करोड़ का ऋण माफ किया।
किसानों को अब नए ऋण और सिविल स्कोर में सुधार।
संवाद सूत्र, रीगा (सीतामढ़ी)। बैंक ऑफ इंडिया के केसीसी ऋण के जाल में पिछले 14 वर्षों से फंसे रीगा चीनी मिल क्षेत्र के करीब चार हजार गन्ना किसानों को बड़ी राहत मिली है।
संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा के संघर्ष और पहल के बाद बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने किसानों के करीब 40 करोड़ रुपये के ऋण को राइट ऑफ कर दिया है। इससे किसानों के लिए नए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) सहित अन्य प्रकार के ऋण प्राप्त करने का रास्ता खुलने की उम्मीद जगी है।
14 साल पुराने ऋण से मिली राहत
संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा के दो वर्षों के प्रयास के बाद बैंक ने किसानों के ऋण संबंधी मामले में यह निर्णय लिया है। मंगलवार को रीगा किसान भवन में बैंक अधिकारियों और केसीसीधारी किसानों की संयुक्त सभा आयोजित की गई। इसमें ऋण राइट ऑफ होने और आगे की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
सिविल स्कोर सुधारने की होगी पहल
सभा की अध्यक्षता कर रहे मोर्चा के नेता डॉ. आनंद किशोर ने कहा कि ऋण राइट ऑफ होने के बाद किसानों का सिविल स्कोर दुरुस्त कराना जरूरी है। इसके साथ ही उन्हें फ्रेश केसीसी और अन्य ऋण उपलब्ध कराने तथा नो ड्यूज प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए।
बैंक शाखाओं में शुरू हुई प्रक्रिया
बैंक ऑफ इंडिया के जोनल मैनेजर शैलेन्द्र प्रसाद ने कहा कि चार हजार किसानों के करीब 40 करोड़ रुपये के ऋण को बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने राइट ऑफ कर दिया है। सभी संबंधित बैंक शाखाओं में इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सिविल स्कोर पर बैंक का सीधा नियंत्रण नहीं है, फिर भी किसानों के रिकॉर्ड को दुरुस्त कराने के लिए पहल की जाएगी।
सौ-सौ किसानों को बुलाकर होगा सत्यापन
जोनल मैनेजर ने बताया कि किसानों से आवेदन लेकर संबंधित सिविल विभाग को भेजे जाएंगे। बैंक शाखाओं में सौ-सौ किसानों को बुलाकर आधार कार्ड और मोबाइल नंबर का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद सिविल रिकॉर्ड सुधारने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
50 हजार से दो लाख तक ऋण का प्रावधान
बैंक के उप जोनल मैनेजर लक्ष्मेश्वर ठाकुर ने कहा कि ऋण संबंधी मामले के समाधान के बाद किसानों को नए ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने बताया कि रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जमीन की रसीद पर 50 हजार रुपये तक और एलपीसी के आधार पर दो लाख रुपये तक ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। मॉर्गेज के माध्यम से इससे अधिक राशि का ऋण भी नियमानुसार मिल सकता है।
केसीसी और हाउसिंग लोन मिलने की उम्मीद
उप जोनल मैनेजर ने कहा कि किसान नियमानुसार केसीसी, हाउसिंग सहित अन्य प्रकार के ऋण भी प्राप्त कर सकेंगे। सिविल रिकॉर्ड दुरुस्त होने से उन्हें अन्य बैंकों से ऋण लेने में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
किसानों ने अधिकारियों के सामने रखीं समस्याएं
सभा में बैंक के क्षेत्रीय मुख्य प्रबंधक नरेंद्र कुमार, पूर्व बैंक प्रबंधक विक्रांत कुमार और रीगा शाखा प्रबंधक मनोज रवि ने किसानों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
किसानों ने ऋण, सिविल स्कोर में सुधार और नो ड्यूज प्रमाणपत्र जारी करने से जुड़े सवाल अधिकारियों के समक्ष रखे। जोनल अधिकारियों ने उनके सवालों के जवाब देते हुए आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी दी।
सभा में वरिष्ठ समाजसेवी जयेंद्र प्रसाद सिंह, मोर्चा के जिलाध्यक्ष जालंधर यदुवंशी, जिला सचिव अश्विनी मिश्र, राजेश कुमार सिंह, सत्यम सिंह, शशिधर शर्मा, प्रेमचंद्र सिंह, रामजनम गिरी, कौशल किशोर सिंह, हरिकिशोर सिंह, राम पुकार साह, धनंजय सिंह, मधुसूदन सिंह और भूपेंद्र महतो सहित दर्जनों किसान मौजूद रहे। धन्यवाद ज्ञापन राजेश कुमार सिंह बागी ने किया।
