सीतामढ़ी। राजद की प्रदेश प्रवक्ता रितू जायसवाल का कहना है कि चुनाव में खलल डालने व छवि धूमिल करने के लिए राजनीतिक इशारे पर बीडीओ ने अनर्गल आरोप लगाया है। सीधा मकसद है कि हम लोगों को केस-मुकदमा में उलझाकर किसी तरह चुनाव हरवा दें। जो आरोप लगाया है वह हास्यापस्द व बेबुनियाद है। एलाइड सर्विस से अधिकारी रहा कोई व्यक्ति इस तरह की उल-जलूल हरकत करेगा यह सोचनेवाली बात है। स्थानीय विधायक गायत्री देवी के पति पूर्व विधायक रामनरेश यादव के इशारे पर वह गलत इल्जाम लगा रहे हैं। बीडीओ के इस आरोप का वीडियो भी है मेरे पास जो उनके आरोपों की पोल खोलकर रख देगा।

बीडीओ की प्राथमिकी में 10 नामजद, सौ से अधिक अज्ञात सीतामढ़ी : दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, बीते गुरुवार की शाम आठ बजे सिंहवाहिनी पंचायत के जानकीनगर चौक पर वाहन जांच करा रहे थे। मोटरसाइकिल जांच के लिए एक शख्स को रोका गया तो वह गाली-गलौज करते हुए मोटरसाइकिल छोड़कर गांव की ओर भाग गया। थानाध्यक्ष रवींद्र कुमार व सशस्त्र बल की मौजूदगी में मोटरसाइकिल की डिक्की की जांच की गई। जिसमें से सरपंच पद के प्रत्याशी रामनाथ साह का चुनाव चुनाव चिह्न का पर्चा प्राप्त हुआ। जांच के क्रम में मुखिया पद के प्रत्याशी अरुण कुमार चौधरी आकर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने लगे। फोन करके अपने समर्थकों को बुला लिया। व्यक्तिगत मोबाइल छीन लिया। कुछ ही मिनटों में उनकी पत्नी रीतू जायसवाल उर्फ रीतू कुमार लगभग सौ-डेढ़ सौ समर्थकों से पहुंची और घेर लिया। वहां मौजूद चौकीदार मोहन पासवान ने सभी लोगों की पहचान की। इनमें जानकीनगर के गुड्डू महतो पिता किशोरी महतो, विरेंद्र महतो पिता विलासी महतो, रामचंद्र महतो पिता स्व.अशर्फी महतो, शशि महतो पिता विलासी महतो, कड़हरवा के जितेंद्र महतो पिता लक्ष्मण महतो, रासबिहारी राय पिता राजदेव महतो, अशोक महतो पिता राजदेव, भगवानपुर के महेश राय पिता स्व.ब्रमदेव मुखिया, सुरेंद्र मुखिया पिता ब्रह्मदेव मुखिया, नरकटिया के जय कुमार राय पिता स्व.किशोरी राय आदि नामजद हैं।

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