सीतामढ़ी । मुजफ्फरपुर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समाज सुधार अभियान के बाद सीतामढ़ी जिले में पहली बार शराब की बड़ी खेप पकड़ में आई है। दूसरी ओर, सीतामढ़ी जिला में उत्पाद वादों में जब्त 209 वाहनों की नीलामी हुई जिसमें 14.30 लाख रुपये के राजस्व की प्राप्ति का अनुमान है। शराब माफिया की करतूत के बारे में सुनकर आप दंग रह जाएंगे। शराब की ये खेप उतपाद पुलिस ने रीगा थाना क्षेत्र में पकड़ी है। ट्रक के तहखाने से 864 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। 97 कार्टून में 3864 बोतल शराब तहखाने में छुपाकर रखी हुई थी। रीगा थाना पुलिस व व एंटी लिकर टास्क फोर्स को इस कार्रवाई की भनक तक नहीं लग पाई। उत्पाद अधीक्षक प्रदीप कुमार के नेतृत्व में टीम ने धावा बोला और इतनी बड़ी कामयाबी हासिल की। उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि रात आठ बजे के लगभग अचानक सूचना आई। समय नहीं था कि दूसरे लोगों को इतला किया जाए और यह ऑपरेशन हमारी टीम की बदौलत हो जानेवाला था सो बिना बिलंब के हम लोगों ने रीगा के सिमरी इलाके में घेराबंदी कर दी। सिमरी में बिजली कंस्ट्रक्शन कंपनी का काम चल रहा है वहीं पर ट्रक लगाकर माफिया शायद उसको अनलोड करने की फिराक में थे। तभी हमारी टीम वहां पहुंच गई। कोई पकड़ा नहीं गया। फरार धंधेबाजों पर अभियोग दर्ज किया जा रहा है। दो-तीन लोगों के नाम पता चले हैं, उनका सत्यापन किया जा रहा है। हरियाणा नंबर का ट्रक है लेकिन उसको लेकर भी संदेह ही है। ट्रक नंबर और उसके वास्तविक मालिक का भी सत्यापन जरूरी है। उत्पाद अधीक्षक ने कहा कि उनके साथ इस कार्रवाई में इंस्पेक्टर सौरव कुमार, सब-इंस्पेक्टर दिनेश कुमार साकेत, सब-इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार, सब-इंस्पेक्टर जीवछ कुमार, एएसआई धर्मेंद्र झा, अन्य सिपही, सैप व होमगार्ड के जवान थे। उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि ट्रक के अंदर जहां ड्राइवर बैठता है उसके उपर तहखाना बना हुआ था। बड़ी चालाकी से यह तहखाना डिजायन किया हुआ था जिसमें इतनी भारी मात्रा में शराब छुपाई जा सकी थी। लेकिन, खुफिया तंत्र ने माफिया की मंशा पर पानी फेर कर रख दिया। उधर, खैरवा चौक पर छापेमारी के दौरान एक व्यक्ति 37 पीस देसी शराब की पाउच के साथ गिरफ्तार हुआ। इस शख्स को एलटीएफ ने गिरफ्तार किया।

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