बिहार के 14 रेलवे स्टेशनों पर खुलेंगे मेडिकल क्लीनिक, यात्रियों को परिसर के अंदर मिलेगा इलाज
समस्तीपुर रेल मंडल के तहत सीतामढ़ी सहित 14 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक मेडिकल क्लीनिक खोले जा रहे हैं। इन ...और पढ़ें

डॉक्टरों को रेलवे स्टेशनों के अंदर मिलेगा इलाज। सांकेतिक फोटो

समय कम है?
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संवाद सहयोगी, सीतामढ़ी। समस्तीपुर रेल मंडल अंतर्गत सीतामढ़ी समेत 14 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक मेडिकल क्लीनिक खोलने की कवायद तेज कर दी है। इसके लिए युद्धस्तर पर काम भी शुरू कर दिया गया है।
बताया गया कि समस्तीपुर मंडल के सीतामढ़ी, समस्तीपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सहरसा, रक्सौल, बेतिया, बगहा और मधुबनी जैसे भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर यात्रियों को प्राथमिक उपचार, सामान्य स्वास्थ्य जांच और आपातकालीन चिकित्सा की सुविधा स्टेशन परिसर में ही उपलब्ध कराने की तैयारी है।
यह व्यवस्था उन यात्रियों के लिए बेहद राहत देने वाली है, जिन्हें अचानक तबीयत बिगड़ने पर या प्लेटफार्म पर भीड़भाड़ में चोट आदि लगने पर तुरंत इलाज पाने में कठिनाई होती थी।
देर रात की यात्रा हो या लंबी दूरी की थकान, अब यात्रियों को स्टेशन के बाहर अस्पताल भागने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रेलवे प्रशासन ने बताया कि यह क्लीनिक रेलवे अस्पतालों से बिल्कुल अलग और नई व्यवस्था होगी।
यहां प्रतिदिन एमबीबीएस डाक्टर और प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहेंगे। डॉक्टर निजी क्लीनिक की तरह इन केंद्रों का संचालन करेंगे और इसके एवज में रेलवे को तय राजस्व भी देंगे। इससे यात्रियों को भरोसेमंद इलाज मिलेगा और डॉक्टरों को भी सुरक्षित व नियमित प्लेटफॉर्म के मरीज मिल सकेंगे।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इन क्लीनिकों को आधुनिक उपकरणों से लैस किया जाएगा, ताकि छोटी-बड़ी चिकित्सा जरूरतें स्टेशन परिसर में ही पूरी हो सके।
इसका सीधा फायदा यह होगा कि यात्रियों को न केवल समय पर इलाज मिलेगा, बल्कि स्टेशन पर उनकी सुरक्षा का स्तर भी बढ़ेगा। उत्तर बिहार के इन प्रमुख स्टेशनों पर यह नई सुविधा रेलवे के बदलते मानकों और यात्री हित में नई सोच का प्रतीक माना जा रहा है।
इस योजना पर रेलवे तेजी से काम कर रहा है। इसको लेकर पूरी समीक्षात्मक रिपोर्ट मंडल के संबंधित विभाग को भेज दी गई है। उम्मीद है जल्द ही यह सुविधा बहाल हो जाएगी। -अजय कुमार, वाणिज्य अधीक्षक, सीतामढ़ी।
