शेखपुरा। जिले में पहाड़ों पर पत्थर का उत्खनन करने वाली वैसी कंपनियां जिन्होंने निर्धारित अवधि के बाद सालाना राजस्व जमा किया है, उनसे विलंब होने के कारण ब्याज की वसूली की जाएगी। इसको लेकर डीएम ने जिले के खनन पदाधिकारी गोपाल साह को निर्देश दिए हैं। राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक में डीएम ने जिले के खनन पदाधिकारी को सरकारी खजाने को कथित तौर पर चुना लगाने में सहभागी होने पर फटकार लगाते हुए कहा कि जिन कंपनियों को जनवरी 2018 में वार्षिक राजस्व जमा करना था उनसे आठ महीने बीत जाने के बाद भी राजस्व वसूल नहीं की जा सकी। डीएम ने बैठक में कहा कि ऐसी डिफाल्टर कंपनियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं करना और उनका लीज ़खत्म किये जाने की कार्रवाई शुरू नहीं करना खनन पदाधिकारी के ऊपर सवाल खड़ा करता है। डीएम ने ऐसी कंपनियों तथा फार्मों के लीज को समाप्त नहीं करने पर खनन पदाधिकारी को जमकर फटकार लगाई। बैठक में पत्थर का फर्जी चालान का भी मामला उठा। इसको लेकर डीएम ने राजस्व के अपर समाहर्ता सत्यप्रकाश शर्मा को े मामले की जांच करके खनन पदाधिकारी गोपाल साह को भी पार्टी बनाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में लीज लेने वाली कंपनियों द्वारा खनन पदाधिकारी की सांठगांठ से निर्गत चालान से अधिक पत्थर का खनन किये जाने का भी मामला उठा।

Posted By: Jagran