शेखपुरा। जिले के माइ¨नग अफसर गोपाल साह की चल-अचल संपत्ति की जांच कराई जाएगी। इतना ही नहीं शेखपुरा जिले में सक्रिय स्टोन माफिया से इनकी कथित मिलीभगत की भी जांच होगी। जिले के खनन पदाधिकारी गोपाल साह के खिलाफ जांच का यहआदेश मंगलवार को डीएम योगेंद्र ¨सह ने दिया। इसको लेकर डीएम ने राजसव के अपर समाहर्ता को जिला खनन पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। मंगलवार को यह बैठक जिला के सरकारी राजस्व की वसूली की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी। बैठक में माइ¨नग अफसर गोपाल साह भी मौजूद थे। यहां बताना दे कि गोपाल साह शेखपुरा जिले के माइ¨नग अफसर के पद पर पदस्थापित हैं तथा इनके जिम्मे जमुई जिले का भी अतिरिक्त प्रभार है। बैठक में जिले में पहाड़ों से पत्थर उत्खनन कर रही डिफाल्टर कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की समीक्षा के दौरान माइ¨नग अफसर की भूमिका को डीएम ने संदिग्ध बताते हुए इनके खिलाफ जांच का आदेश दिया। डीएम योगेंद्र ¨सह ने समय पर सरकारी राजस्व जमा नहीं करने वाली स्टोन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किये जाने को लेकर माइ¨नग अफसर को निशाने पर लिया। डीएम ने माइ¨नग अफसर को जमकर फटकार लगाते हुए उनकी नीयत को संदिग्ध बताया तथा जिला में स्टोन माफियाओं के साथ माइ¨नग अफसर की सांठ-गांठ की जांच कराने का निर्देश दिए। इसी क्रम में डीएम ने माइ¨नग अफसर के पटना और लखनउ स्थिति चल-अचल संपत्ति की भी जांच कराने की बात कही। डीएम ने समय पर पहाड़ के लीज की सरकारी राशि जमा नहीं करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने में सुस्ती दिखाने पर माइ¨नग अफसर पर कंपनियों के साथ मिलीभगत करने की आशंका जताई। डीएम के इस तेवर को देख जिले के अन्य विभागों में तैनात अफसरों और कर्मियों में भी हड़कंप मच गया गया है।

Posted By: Jagran